यूएन में ‘इक्वल अर्थ’ नक्शे के समर्थन में भारत, कहा-देश की सीमाओं या क्षेत्रों का भ्रामक चित्रण स्वीकार्य नहीं

नई द‍िल्‍ली, 6 सितंबर . India ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन’ वाले विश्व मानचित्र संबंधी प्रस्ताव पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा क‍ि इसका उद्देश्‍य महाद्वीपों और भूभागों के वास्तविक क्षेत्रफल को सही अनुपात में दिखाना है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा क‍ि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ‘करेक्ट द मैप: रीबैलेंसिंग ग्लोबल कार्टोग्राफिक रिप्रेजेंटेशन एंड प्रमोटिंग इक्विटेबल रिप्रेजेंटेशन ऑफ द वर्ल्ड्स रीजन, पार्टिकुलर्ली अफ्रीका’ शीर्षक वाला एक प्रस्ताव अपनाया है. इसमें India ने दुनिया के क्षेत्रों को निष्पक्ष तरीके से दिखाने के समर्थन में प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया है.

India के समर्थन से पारित एक प्रस्ताव में महासभा ने Friday को ‘इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन’ वाले नक्शे को अपनाने की सिफारिश की. इसे उन लोकप्रिय नक्शों की जगह इस्तेमाल करने की बात कही गई है जो ‘मरकेटर प्रोजेक्शन’ पर आधारित हैं. ‘मरकेटर’ नक्शे में उत्तरी गोलार्ध के देशों का आकार वास्तविकता से बड़ा दिखता है.

इस प्रस्ताव के पक्ष में 164 वोट पड़े. अमेरिका एकमात्र देश था जिसने इसका विरोध किया जबकि छह देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

उन्‍होंने कहा क‍ि इस प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसे मानचित्रों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है जो महाद्वीपों और भू-भागों के वास्तविक क्षेत्रफल को सही अनुपात में दिखाते हैं. यह प्रस्ताव किसी खास विश्व मानचित्र को न तो अपनाता है और न ही उसे आधिकारिक मान्यता देता है. साथ ही, इसमें Political नक्शों से जुड़े मुद्दों, जैसे अंतरराष्ट्रीय सीमाएं, विवादित क्षेत्र या स्थानों के नाम पर कोई चर्चा नहीं की गई है.

मंत्रालय ने कहा क‍ि India ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. मतदान के बाद India ने अपने मत की व्याख्या करते हुए कहा कि वह ऐसे मानचित्रों के समर्थन में है जो दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों के वास्तविक आकार को अधिक निष्पक्ष तरीके से दिखाते हैं. India ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रस्ताव का मतलब किसी विशेष नक्शे, प्रोजेक्शन या राष्ट्रीय सीमाओं के किसी खास चित्रण का समर्थन करना नहीं है.

India ने दोहराया कि उसका संप्रभु क्षेत्र, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं, India के आधिकारिक मानचित्र के अनुसार ही दिखाया जाना चाहिए. India ने कहा कि देश की सीमाओं या क्षेत्रों का कोई भी गलत या भ्रामक चित्रण स्वीकार्य नहीं है.

प्रवक्ता ने कहा कि India की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर मंत्रालय का रुख पूरी तरह स्पष्ट, लगातार एक जैसा और किसी भी तरह से समझौता न करने वाला है.

एवाई/पीएम

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