सत्य निकेतन इमारत हादसे पर सियासत: कांग्रेस ने उठाए सवाल; भाजपा बोली- दोषी को बख्शेंगे नहीं

New Delhi, 7 सितंबर . दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद Political बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस नेता श्रीनिवास भद्रावती वेंकट ने हादसे के बाद प्रशासन के मौके पर पहुंचने में कथित देरी, राहत-बचाव व्यवस्था और निर्माण से जुड़ी मंजूरियों को लेकर भाजपा Government पर गंभीर सवाल उठाए. वहीं, भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने Government की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.

कांग्रेस नेता श्रीनिवास भद्रावती वेंकट ने कहा कि इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद प्रशासन और Governmentी राहत तंत्र को मौके पर पहुंचने में काफी समय लगा. एनएसयूआई के अध्यक्ष और उनकी टीम सबसे पहले मौके पर पहुंची और कुछ लोगों के रेस्क्यू में मदद की. उन्होंने सवाल उठाया कि शुरुआती दौर में मौके पर पहुंचने वाली एंबुलेंस Governmentी व्यवस्था की बजाय निजी सेवा की क्यों थी.

दिल्ली में केंद्र और राज्य Government के साथ भाजपा के सांसद, मेयर, विधायक और पार्षद के स्तर पर मौजूद Political नियंत्रण का उल्लेख करते हुए उन्होंने सवाल किया कि इतने स्तरों पर भाजपा की मौजूदगी के बावजूद प्रशासनिक प्रतिक्रिया में देरी क्यों हुई. वेंकट ने कहा कि जिस इमारत से जुड़ा पुराना मामला वर्ष 2022 में सामने आया था, उसमें दोबारा निर्माण या अनुमति किसने दी, इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने हाल में बेसमेंट के काम के लिए दी गई कथित अनुमति पर भी सवाल उठाया. घटनास्थल के आसपास पर्याप्त चौड़ी सड़कें होने के बावजूद राहत और बचाव दल को पहुंचने में देरी चिंता का विषय है. भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन की जांच किए बिना केवल अधिकारियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होगा.

कांग्रेस नेता ने दक्षिणी दिल्ली के अधिकारियों और कर्मचारियों के निलंबन पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कथित मुख्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि हादसे वाली इमारत से करीब 50 मीटर दूर एक अन्य भवन में भी दरारें हैं और वहां निर्माण या रेस्क्यू गतिविधियों के बीच सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है. उन्होंने Government से आसपास की इमारतों का तत्काल सुरक्षा निरीक्षण कराने की मांग की.

वेंकट ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को भविष्य के सपनों के साथ दिल्ली भेजते हैं. ऐसे हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों के नुकसान की भरपाई केवल आर्थिक मदद से संभव नहीं है. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi और दिल्ली Government पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजधानी में इतनी बड़ी घटना के बावजूद शीर्ष स्तर से पर्याप्त प्रतिक्रिया दिखाई नहीं दी. Government को Political अहंकार छोड़कर उपलब्ध प्रशासनिक तंत्र और संस्थानों का इस्तेमाल जनता की सुरक्षा के लिए करना चाहिए. कांग्रेस कार्यकर्ता विपक्ष में रहते हुए भी राहत और सेवा कार्यों में जुटे हैं और आगे भी मदद जारी रखेंगे.

वहीं, भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई. दिल्ली Government ने अपना कर्तव्य निभाते हुए तत्काल कार्रवाई की है. पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और जांच आगे बढ़ने के साथ जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. आरोपी को Haryana से दिल्ली Police ने गिरफ्तार कर लिया है और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना Government की प्राथमिकता है.

आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन पर जिलानी ने आरोप लगाया कि पार्टी इस समय Political सुर्खियों में बने रहने के लिए प्रदर्शन कर रही है. यह पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने और उनके साथ खड़े होने का समय है, न कि राजनीति करने का. उन्होंने दोहराया कि जांच में चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न निकले, यदि उसकी भूमिका सामने आती है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.

पीएसके

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