‘यह मेरी आखिरी मुलाकात हो सकती है’, मुंबई मार्च से पहले भावुक हुए मनोज जरांगे पाटिल

छत्रपति संभाजीनगर, 14 सितंबर . मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल ने अपने अनशन के 17वें दिन बेहद भावुक अपील की. पाटिल ने बताया कि उन्होंने सलाइन और अन्य चिकित्सा सहायता लेना बंद कर दिया है, जिससे उनकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है. Mumbai की उनकी आगामी यात्रा Maharashtra के लोगों के साथ उनकी आखिरी मुलाकात भी हो सकती है.

मनोज जरांगे पाटिल ने कहा, “आज मेरे अनशन का 17वां दिन है. सलाइन हटाने के बाद पेट में फिर से जलन शुरू हो गई है. मैं Mumbai के लिए लगभग अकेला निकलूंगा, मेरे साथ केवल चार-पांच साथी होंगे. मैं ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा हूं, इसलिए रास्ते में मेरे स्वागत के कार्यक्रम आयोजित न किए जाएं. अगर मुझमें ताकत होगी तो मैं लोगों से बात करूंगा. आप मुझसे मिलने आ सकते हैं. यह शायद हमारी आखिरी मुलाकात हो सकती है. सड़कों पर आकर मुझे आशीर्वाद दें, लेकिन अभी Mumbai मार्च में शामिल न हों. यह गोदावरी क्षेत्र और Maharashtra से मेरी आखिरी विदाई भी हो सकती है.”

उन्होंने मराठा समाज से संघर्ष जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि समुदाय को किसी भी हाल में हार नहीं माननी चाहिए. उन्होंने कहा, “मेरा शरीर जहां गिरे, गिर जाए, लेकिन मराठा समाज इतनी मजबूती से लड़ाई लड़े कि आने वाली पीढ़ियां गर्व से कहें कि वह मर गया, लेकिन झुका नहीं. मैं यूं ही मरना नहीं चाहता, बल्कि अपने समाज को उसका अधिकार दिलाते हुए मरना चाहता हूं. समाज की प्रतिष्ठा पर आंच नहीं आनी चाहिए.”

जरांगे पाटिल ने Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि मराठा आंदोलन को कमजोर करने के लिए Political रणनीति अपनाई जा रही है. समुदाय को Government की हर चाल का जवाब देना होगा. मराठा आंदोलन को बदनाम करने और उसे दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन समाज को संगठित रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि मराठा समाज में नेतृत्व की कोई कमी नहीं है. यदि एक नेता नहीं रहेगा तो दूसरा सामने आएगा. उन्होंने समाज से अपील की कि वे उसी व्यक्ति या दल का समर्थन करें जो आरक्षण दिलाने में मदद करे. केवल व्यक्तिगत Political पसंद से समाज का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा.

जरांगे पाटिल ने दावा किया कि 5.5 करोड़ मेहनतकश मराठा किसी भी समय Mumbai को रोक सकते हैं, जबकि Political और आर्थिक रूप से प्रभावशाली वर्ग आबादी का एक छोटा हिस्सा है.

उन्होंने बताया कि Government और समाज की अपील पर उन्होंने कुछ समय के लिए चिकित्सा सहायता स्वीकार की थी, लेकिन मांगों पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने के कारण दोबारा इलाज लेने से इनकार कर दिया. पिछले सात-आठ दिनों तक सलाइन की वजह से उनका ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर सामान्य बना हुआ था, लेकिन अब सलाइन और पानी बंद करने के बाद शरीर में तेजी से बदलाव हो रहे हैं.

Mumbai के लिए बिना औपचारिक Police अनुमति के रवाना होने की तैयारी कर रहे जरांगे पाटिल ने अपने समर्थकों से कहा कि वे उनके स्वागत में माला या शॉल न पहनाएं, क्योंकि इससे संक्रमण और रक्तचाप बढ़ने का खतरा रहता है. उन्होंने लंबे मंच बनाने के बजाय रास्ते में छोटे विश्राम केंद्र बनाने की सलाह दी, जहां वे यात्रा के दौरान कुछ समय आराम कर सकें.

उन्होंने समर्थकों से यह भी अपील की कि वे अभी उनसे मिलने के लिए पैसे खर्च न करें. इसके बजाय अंतिम और बड़े Mumbai मार्च के लिए धन और वाहनों की व्यवस्था बचाकर रखें.

एएमटी/एबीएम

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