
इंफाल, 14 सितंबर . मणिपुर के Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह ने Monday को संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए रिश्वतखोरी की प्रथा को तत्काल बंद करने का आह्वान किया. उन्होंने जोर दिया कि उनकी वास्तविक सेवा, समर्पण और योगदान को उनके वैध दावों पर विचार करने का आधार होना चाहिए.
Chief Minister ने यह अपील पोरोमपत स्थित Governmentी जवाहरलाल नेहरू आयुर्वेद संस्थान (जेएनआईएमएस) में विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन, शुभारंभ और आधारशिला रखने के अवसर पर अपने संबोधन में की.
उन्होंने मीडिया में आई नर्सों के नियमितीकरण से संबंधित कथित रिश्वतखोरी की खबरों पर चिंता भी व्यक्त की. Chief Minister ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने समर्पित सेवा दी है, विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान, उन्हें नियमितीकरण के लिए भ्रष्टाचार का सहारा नहीं लेना चाहिए.
उन्होंने कहा कि कोविड-19 काल के दौरान स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की बढ़ती जिम्मेदारियों और आवश्यकताओं को देखते हुए, राज्य में 200 से अधिक नर्सों को संविदा आधार पर नियुक्त किया गया है.
खेमचंद सिंह ने नर्सों और अन्य संविदा कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे उचित, पारदर्शी और वैध माध्यमों से Government के समक्ष अपनी वास्तविक सेवा और योगदान प्रस्तुत करें.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि Government ईमानदारी, समर्पण और गरिमा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले कर्मचारियों का समर्थन करेगी और आश्वासन दिया कि नियमितीकरण से संबंधित वैध चिंताओं पर उचित प्रक्रिया के माध्यम से विचार किया जाएगा.
उन्होंने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे रिश्वत या अन्य अनुचित साधनों का सहारा लेने के बजाय विश्वास और गरिमा के साथ Government से संपर्क करें.
Chief Minister ने यह भी कहा कि राज्य कुछ आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है, जिसके कारण Governmentी विभागों में भर्ती कुछ समय से संविदात्मक व्यवस्था के माध्यम से की जा रही है. हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रिश्वत के माध्यम से नियमितीकरण प्राप्त करने का तरीका आज से ही समाप्त होना चाहिए.
खेमचंद सिंह ने विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निभाई गई अपार जिम्मेदारियों को भी स्वीकार किया और पिछले चार महीनों में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की सराहना की.
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