एमएमडीआर कानून पूरे देश में लागू, राज्यों की मनमानी पर लगेगी रोक: बाबूलाल मरांडी

रांची, 14 सितंबर . Jharkhand में कोयले पर 450 रुपये अतिरिक्त टैक्स को लेकर सियासत तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य Government के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि संशोधित एमएमडीआर अधिनियम अब पूरे देश में कानून बन चुका है, जिसके बाद राज्यों की मनमानी खत्म हो गई है. उन्होंने कहा कि कोयले पर अतिरिक्त बोझ से आखिरकार बिजली महंगी होगी और खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा, जबकि देश के विकास की रफ्तार भी धीमी होगी.

Jharkhand में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, “संशोधित एमएमडीआर अधिनियम अब कानून बन गया है. और वह कानून पूरे देश में लागू होता है और प्रमुख खनिजों को कवर करता है. अब, कोई भी राज्य Government मनमाने ढंग से कर नहीं लगा सकती. जब कोई राज्य Government मनमाने ढंग से कर लगाती है, तो इसका असर सिर्फ राज्य पर नहीं, बल्कि पूरे देश पर पड़ता है.”

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम Jharkhand का उदाहरण लें, तो यहां कोयला, एक प्रमुख खनिज, निकाला जाता है. Jharkhand Government ने कोयले पर 450 रुपये का अतिरिक्त कर लगा दिया. 450 रुपये का अतिरिक्त कर मतलब 30 टन कोयला ले जाने वाले एक ट्रक के लिए 13,500 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे. अब, अगर कोयले के लिए 13,500 रुपये अतिरिक्त दिए जाते हैं, तो वह कोयला कहां जाता है? वह बिजली संयंत्रों में जाता है जहां बिजली पैदा होती है, तो बिजली महंगी हो जाएगी और आम लोगों को नुकसान होगा. देश का विकास धीमा हो जाएगा, और व्यवसाय और उद्योग प्रभावित होंगे. व्यवसाय और उद्योग तभी फल-फूल सकते हैं जब लोगों को सस्ती बिजली मिले.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मेरा मानना है कि अपने आप में यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. जैसा कि कहा जाता है, अगर लोग कम से कम मिलना-जुलना और एक साथ बैठना शुरू कर दें, तो बाकी मुद्दे अंततः सुलझ ही जाएंगे. अब तक कोई भी इसे हासिल नहीं कर पाया था. Prime Minister Narendra Modi ने इसे देश के लिए संभव कर दिखाया.

केके/डीएससी

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