
New Delhi, 16 सितंबर . अफगानिस्तान के स्टार खिलाड़ी राशिद खान की चाहत है कि उनके टीम में रहते हुए अफगानिस्तान एक बार विश्व कप का खिताब जीते. राशिद ने बेटे अजलान को अपने लिए भाग्यशाली बताया है.
राशिद ने ‘ ’ के साथ बात करते हुए कहा, “जहां तक 10 साल बाद की लेगेसी की बात है, मुझे लगता है कि यह अफगानिस्तान के लिए अच्छी सर्विस देने और अफगानिस्तान के लिए मुझे कितने मैच जीतने को मिलते हैं, इस बारे में है. हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि मैं चाहता हूं कि जब तक मैं टीम में रहूं, अफगानिस्तान एक वर्ल्ड कप जीत जाए. मुझे लगता है कि यह मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी. मुझे उम्मीद है कि रिटायर होने से पहले, मेरे पास यह रिकॉर्ड होगा कि हां, हमने चैंपियनशिप या वर्ल्ड कप जीता, चाहे वह टी20 हो या वनडे.
राशिद ने अपने बेटे अजलान को अपना ‘लकी चार्म’ बताया. उन्होंने कहा, “उसके (अजलान) पैदा होने से पहले, मेरा दिमाग जल्दी फ्रेश नहीं होता था. मगर अब जब मैं उसका चेहरा देखता हूं या उसे वीडियो-कॉल करता हूं, तो मेरा पूरा शरीर रिलैक्स हो जाता है. वह मेरे लिए एक लकी चार्म भी है. जब वह इंग्लैंड में पहले मैच के लिए ग्राउंड पर आया, मैंने पांच विकेट लिए. फिर, 3 मैचों में वह आयरलैंड आया, और मैंने 12 विकेट लिए.”
राशिद ने आगे कहा, “वह एक ‘लकी चार्म’ है. वह Tuesday रात के मैच के दौरान उठा था और जब मैंने तीन विकेट लिए तो उसने मैच देखा. वह पिछले मैच में सो रहा था, और इसीलिए मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं था. वह मेरी खुशी है. वह मेरा ‘लकी चार्म’ है. यह एक अलग एहसास है.”
राशिद ने कहा कि अफगानिस्तान क्रिकेट टीम ने यहां तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है. उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि हमें कुछ चीजें मुफ्त में मिलीं. हमने बहुत मेहनत की है. हमने कहां से शुरू किया और अब हम कहां हैं – जैसे छोटी टीमों के खिलाफ खेलना शुरू करने से लेकर बड़ी टीमों को हराना. हम इसके बारे में बात करते हैं, लेकिन उसमें निरंतरता कैसे लेकर आएं और उन्हें लगातार हराएं और हमेशा अच्छा प्रदर्शन करें.”
राशिद को उम्मीद है कि एक दिन अफगानिस्तान में भी इंटरनेशनल मैच का आयोजन होगा. उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान से इतनी सारी चीजें अपने साथ ले जाना मुश्किल है. हम अफगानिस्तान में अधिक समय नहीं बिताते. मगर लोगों का प्यार और दुआएं हमेशा हमारे साथ होती हैं, चाहे हम कहीं भी जाएं.”
उन्होंने आगे कहा, “हम उनके प्यार और दुआओं के अलावा और कुछ अपने साथ नहीं ले जा सकते. हालांकि, हम अफगानिस्तान के सबसे मशहूर ड्राई फ्रूट्स जरूर ले जाते हैं ताकि घर जैसा एहसास हो. जैसे हम अफगानिस्तान में ड्राई फ्रूट्स खाते हैं और ग्रीन टी पीते हैं. हम वहां भी ऐसा ही करते हैं ताकि हमें वह एहसास वापस मिल जाए. उम्मीद है कि एक दिन हम अफगानिस्तान में – काबुल और दूसरे शहरों में – एक इंटरनेशनल मैच खेल पाएंगे. यह एक सपना होने वाला है.”
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एसएम/डीकेपी