
नागोया, 23 सितंबर . भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू का एशियन गेम्स का लंबे समय से देखा जा रहा सपना आखिरकार सच हो गया. उन्होंने महिलाओं की 49 किग्रा कैटेगरी में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीता और इसके साथ ही ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने का अपना कलेक्शन पूरा कर लिया.
पोडियम पर जगह बनाने के बाद मीराबाई ने ‘ ’ से कहा, “आखिरकार, मैंने एक मेडल जीत लिया. मुझे बहुत खुशी है कि मैंने सिल्वर मेडल जीता है. मैं कई वर्षों से इसी का इंतजार कर रही थी. जब से मैंने वेटलिफ्टिंग शुरू की थी, तब से यह मेरा सपना था. आज, आखिरकार मुझे यह मिल गया.”
32 साल की मीराबाई ने कुल 198 किग्रा वजन उठाया (स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा). वह नॉर्थ कोरिया की री सोंग-गम से पीछे रहीं, जिन्होंने कुल 210 किग्रा वजन उठाया था. इंडोनेशिया की विजयाना लुलुक डियानी ट्राई ने 191 किग्रा का भार उठाने के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता.
इस मेडल के साथ मीराबाई का लंबा इंतजार खत्म हुआ. एशियन गेम्स में पोडियम तक पहुंचने की कोशिश में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. चोट के कारण वह 2018 के एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं और 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में वह पोडियम के बहुत करीब पहुंच गई थीं, लेकिन जांघ की चोट ने उनके क्लीन एंड जर्क के प्रयासों को प्रभावित किया था, जिसके कारण वह चौथे स्थान पर रही थीं.
आखिरकार अपना लक्ष्य हासिल करने की खुशी के बारे में बात करते हुए मीराबाई ने कहा कि यह एहसास उन्हें अपने करियर के एक और यादगार पल की याद दिलाता है. उन्होंने कहा, “हां, ग्लासगो में मैं बहुत भावुक हो गई थी. वे खुशी के आंसू थे. आज भी मुझे रोने का मन कर रहा था. खुशी के मारे मेरी आंखों में आंसू थे, लेकिन मैं रोई नहीं. मैं बहुत खुश थी. मुझे वह मिला जो मैं चाहती थी. आज, मेरा सपना सच हो गया है. मैं इस मेडल से बहुत खुश हूं. मैं कई वर्षों से एशियन गेम्स में मेडल जीतने का सपना देख रही थी. आज, मेरा सपना सच हो गया है. मुझे खुद पर बहुत गर्व है. मैंने कई वर्षों बाद वेटलिफ्टिंग में देश के लिए सिल्वर मेडल जीता है.”
इस सिल्वर मेडल के साथ मीराबाई, 1998 के बैंकॉक गेम्स में कर्णम मल्लेश्वरी के सिल्वर मेडल जीतने के बाद से एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग में मेडल जीतने वाली India की पहली खिलाड़ी बन गई हैं. इस तरह देश का इस खेल में 28 साल का इंतजार खत्म हो गया. ओलंपिक सिल्वर मेडल, वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब और कई कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल जीत चुकीं मीराबाई ने इस मौके का इस्तेमाल Government से एक ऐसे सम्मान की मांग करने के लिए भी किया जो अभी तक उनके कलेक्शन में शामिल नहीं है.
उन्होंने कहा, “मैं Government से अर्जुन अवॉर्ड देने की गुजारिश करना चाहती हूं. मुझे बहुत खुशी होगी. अर्जुन अवॉर्ड सबसे बड़ा अवॉर्ड है. मेरे पास यह नहीं है. मैं इसे पाना चाहती हूं. अगर Government मेरी उपलब्धि पर विचार करे और मुझे यह अवॉर्ड दे, तो मुझे बहुत खुशी होगी.”
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एसएम/एबीएम