
चेन्नई, 23 सितंबर . द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने Wednesday को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने उनकी जानकारी या स्वीकृति के बिना लिए गए निर्णयों पर बार-बार आपत्ति जताई है.
social media पर जारी एक बयान में स्टालिन ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को रोकने की भी मांग की.
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और दोषियों को दंडित करने की मांग की.
स्टालिन ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में 14 बार आपत्तियां उठाईं.
उनकी चिंताओं में मतदाताओं को जोड़ने और हटाने के निर्णय और मतदाता सूचियों के प्रबंधन के लिए उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर का संचालन शामिल था.
उन्होंने आगे कहा कि इन खुलासों से एसआईआर अभ्यास के बाद विधानसभा चुनाव परिणामों पर सवाल उठते हैं.
उन्होंने कहा कि डीएमके और अन्य विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का विरोध किया था.
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले किए गए संशोधनों के कारण गंभीर अनियमितताएं हुईं, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में.
तीन सदस्यीय आयोग को जहां तक संभव हो सर्वसम्मति से और सदस्यों के बीच असहमति होने पर बहुमत से निर्णय लेना होता है.
स्टालिन ने पूछा कि यदि दो चुनाव आयुक्तों को निर्णयों की जानकारी नहीं थी तो निर्णय कैसे लिए गए?
उन्होंने कहा कि कथित आपत्तियों ने एक ऐसी संस्था में विश्वास को ठेस पहुंचाई है जिससे स्वतंत्र और पारदर्शी रूप से कार्य करने की अपेक्षा की जाती है.
स्टालिन ने मतदाता सूचियों को अपडेट करने के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के बारे में चिंताओं का भी उल्लेख किया.
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची सॉफ्टवेयर में प्रतिबंधों के कारण अधिकारी अपने अधिकारों का प्रयोग करने में असमर्थ रहे, जिसमें कुछ मामलों में योग्य मतदाताओं को जोड़ना भी शामिल है.
उन्होंने पूछा कि अदालत द्वारा निर्देशित मतदाताओं को शामिल करने के खिलाफ अपील को किसने अधिकृत किया था और अन्य चुनाव आयुक्तों को कथित तौर पर सूचित क्यों नहीं किया गया था?
डीएमके अध्यक्ष ने कहा कि इन सवालों के जवाब में संभावित Political हस्तक्षेप की जांच जरूरी है.
स्टालिन ने बताया कि डीएमके समेत विपक्षी दलों ने पहले ही ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करते हुए नोटिस दिया था.
इस मांग को दोहराते हुए डीएमके अध्यक्ष ने अधिकारियों से मुख्य आयुक्त को तुरंत हटाने, एसआईआर (एसआईआर) प्रक्रिया को रोकने और आयोग के भीतर लिए गए फैसलों की जांच करने का आग्रह किया.
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एमएस/