मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का दार्जिलिंग दौरा रद्द, गुजरात के कार्यक्रम में होंगे शामिल

कोलकाता, 7 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल के Chief Minister शुभेंदु अधिकारी का Wednesday को प्रस्तावित दार्जिलिंग दौरा अंतिम समय में रद्द हो गया. अब Chief Minister Prime Minister Narendra Modi की सार्वजनिक प्रशासनिक यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए Gujarat रवाना हो रहे हैं.

Chief Minister अधिकारी को दार्जिलिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल होना था. इस कार्यक्रम को लेकर Political हलकों में काफी दिलचस्पी थी, क्योंकि इसमें सिक्किम के Chief Minister के भी मंच साझा करने की उम्मीद थी.

Political पर्यवेक्षकों का मानना था कि यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बीच संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है. इसके जरिए 2017-18 के गोरखालैंड आंदोलन के दौरान दार्जिलिंग की पहाड़ियों में पैदा हुए तनाव से आगे बढ़ने की कोशिश के तौर पर भी इसे देखा जा रहा था.

उस समय ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस Government लगातार सिक्किम Government पर उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कर्सियांग की पहाड़ियों में तनाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाती रही थी.

कार्यक्रम के महत्व पर प्रतिक्रिया देते हुए जीजेएम के संस्थापक-अध्यक्ष बिमल गुरुंग ने कहा कि मौजूदा Political व्यवस्था में पश्चिम बंगाल और सिक्किम के संबंधों में सुधार हुआ है. उन्होंने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक मंच पर लाने की पहल को पड़ोसी राज्यों के बीच संबंध मजबूत करने की दिशा में प्रयास बताया.

गुरुंग ने कहा, “जब ममता बनर्जी पहले Chief Minister थीं, तब सिक्किम के साथ संबंध अच्छे नहीं थे. सिक्किम या पश्चिम बंगाल में कोई समस्या होती थी, तो सिक्किम के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. लेकिन अब पश्चिम बंगाल में डबल इंजन Government के तहत स्थिति में सुधार हुआ है.”

उन्होंने कहा कि दोनों मुख्यमंत्रियों को एक मंच पर लाना सिक्किम और पश्चिम बंगाल के संबंधों को बेहतर बनाने के लिए जीजेएम की पहल थी.

गुरुंग ने Chief Minister अधिकारी को ऐसा नेता बताया, जो संघर्ष को समझते हैं. उन्होंने कहा कि जीजेएम वर्ष 2009 से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ है और अब पार्टी केंद्र के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी सत्ता में है.

उन्होंने कहा, “जिस नेता ने खुद संघर्ष किया हो, वह दूसरों के बलिदान को समझता है. पिछले तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. मैंने भी कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया है. उन मुश्किल दौर में भी शुभेंदु अधिकारी के साथ मेरे अच्छे संबंध रहे.”

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डीएससी

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