मानसा में दलजीत सिंह डेट केस को लेकर एनएचआरसी सख्त, पंजाब सरकार और डीजीपी को नोटिस

New Delhi, 28 अक्टूबर . पंजाब के मानसा जिले के भम्मे कलां गांव के निवासी दलजीत सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और Police महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) तलब की है.
एनएचआरसी की विधि प्रभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार केस नंबर 1596/19/11/2026 पर सुनवाई की गई. आयोग ने इस मामले की जानकारी गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आईएस-II और आईसी डिवीजन) को भी भेजी है.
शिकायतकर्ता हरमनदीप सिंह मेहता ने आयोग को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि दलजीत सिंह की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई और उसके परिवार ने मौत के कारण को लेकर गंभीर चिंता जताई, जिसमें ड्रग्स से संभावित संबंध भी शामिल है.
शिकायत में आगे कहा गया है कि जब परिवार के सदस्य और समर्थक इस मौत पर जवाब और जवाबदेही की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब Police ने रामदित्तेवाला चौक के पास उनके जुलूस को रोक दिया. Police ने मृतक के शव को जबरन अपने कब्जे में ले लिया, जिसके बाद वहां टकराव की स्थिति बन गई.
आरोप है कि Police ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया और उन्हें हिरासत में भी लिया, जबकि Police ने अपनी कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और Policeकर्मियों पर हमले का हवाला देकर सही ठहराया.
आयोग ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ित के मानवाधिकारों का उल्लंघन प्रतीत करते हैं. सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लिया है.
आयोग ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि वह मुख्य सचिव, पंजाब Government और डीजीपी पंजाब को नोटिस जारी कर शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच कराए. आयोग ने कहा कि जांच के बाद दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट आयोग के समक्ष पेश की जाए. यह आदेश सहायक रजिस्ट्रार (विधि) बृजिंदर सिंह द्वारा जारी किया गया है.
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