महिला प्रदर्शनकारियों से मारपीट के दावों पर दिल्ली पुलिस की सफाई, कहा- आरोप निराधार और भ्रामक

New Delhi, 5 अक्टूबर . जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट को लेकर social media पर किए जा रहे दावों पर दिल्ली Police ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है. Police ने कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ शारीरिक मारपीट किए जाने के आरोप ‘निराधार और भ्रामक’ हैं.

Police का कहना है कि महिला प्रदर्शनकारियों को महिला Policeकर्मी ही संभालती हैं और उनके साथ गरिमा तथा उचित सम्मान के साथ व्यवहार किया जाता है.

Police की यह सफाई ऐसे समय सामने आई है, जब प्रदर्शन के दौरान कई महिलाओं ने दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप लगाए हैं. डीसीपी New Delhi की तरफ से social media प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक बयान जारी कर कहा गया कि कुछ social media अकाउंट्स दावा कर रहे हैं कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ शारीरिक मारपीट की गई. दिल्ली Police ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये दावे निराधार और भ्रामक हैं.

Police ने अपनी सफाई में कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों को महिला स्टाफ द्वारा संभाला जाता है और उनके साथ गरिमा तथा उचित सम्मान के साथ व्यवहार किया जाता है. Police ने हिरासत और रिहाई की प्रक्रिया पर भी स्थिति स्पष्ट की. डीसीपी New Delhi के मुताबिक, लोगों को हिरासत में रखने और रिहा करने की कार्रवाई लागू कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार की जाती है.

Police ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए पुरुष प्रदर्शनकारियों को भी निर्धारित समय के भीतर कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए रिहा कर दिया गया. डीसीपी New Delhi ने कहा कि इससे अलग दावा करने वाली कोई भी बात तथ्यात्मक रूप से गलत है और घटनाओं के वास्तविक क्रम को नहीं दर्शाती है.

इससे पहले तीन महिला पत्रकारों ने 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के समय दिल्ली Police के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे. दिल्ली Police ने 4 अक्टूबर को बताया था कि New Delhi जिला Police को तीनों महिला पत्रकारों की शिकायतें मिली हैं और उन्हें निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया है.

Police ने कहा था कि 3 अक्टूबर को New Delhi इलाके में प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति संभालते समय तीन महिला पत्रकारों ने Police अधिकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.

इन शिकायतों में लगाए गए आरोपों की सत्यता अभी जांच का विषय है. से बात करते हुए डीसीपी नेहा यादव ने कहा था कि New Delhi क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने के बावजूद एआईएसए और अन्य दलों ने 3 अक्टूबर को एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन किया.

उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को निषेधाज्ञा के बारे में जानकारी दी गई और वहां से जाने की चेतावनी दी गई. निर्देश का पालन नहीं करने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. शाम करीब 6 बजे खुद को पत्रकार बताने वाली तीन महिलाओं ने हिरासत में लिए जाने के दौरान दिल्ली Police अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित बदसलूकी की शिकायत की. उन्होंने बताया कि तीनों महिलाओं की शिकायतें स्वीकार की गईं और उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया. इसके बाद शिकायतों को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया.

Police अधिकारी ने कथित घटना का वीडियो रखने वाले लोगों से भी इसे क्राइम ब्रांच के साथ साझा करने की अपील की थी.

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एएमटी/एबीएम

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