‘महिलाएं स्वभाव से ही मल्टीटास्कर होती हैं’, प्रीति जिंटा ने खोला पेशेवर और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस का राज

Mumbai , 11 सितंबर . Bollywood एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने एक्टिंग के साथ-साथ अपनी जिंदगी के अलग-अलग किरदारों को भी बखूबी निभाया है. उन्होंने शादी और मां बनने के बाद फिल्मों से दूरी बनाई, लेकिन इस दौरान उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ के साथ-साथ बिजनेस पर भी ध्यान दिया.

अब लंबे समय बाद फिल्मों में वापसी कर चुकीं प्रीति ने अपनी जिंदगी के इस सफर और मां होने के साथ प्रोफेशनल जिम्मेदारियां निभाने को लेकर से बात की. उन्होंने कहा कि करियर और परिवार को एक साथ संभालना आसान नहीं है, लेकिन सही सपोर्ट सिस्टम और सुविधाएं हों तो यह काम काफी हद तक आसान हो जाता है.

से बातचीत में ‘सोल्जर’ एक्ट्रेस ने कहा कि महिलाएं स्वभाव से ही मल्टीटास्कर होती हैं. उनके मुताबिक, महिलाओं के लिए घर, परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियां संभालना कोई नई बात नहीं है. प्रीति ने अपनी मां का उदाहरण देते हुए कहा कि भले ही उनकी मां नौकरी नहीं करती थीं, लेकिन घर और परिवार की देखभाल करना अपने आप में किसी फुल टाइम जॉब से कम नहीं था.

से बात करते हुए प्रीति ने कहा, ”महिलाएं स्वभाव से ही मल्टीटास्कर होती हैं. भले ही मेरी मां नौकरी नहीं करती थीं, लेकिन उनका काम मेरे पिता, तीन बच्चों, घर और न जाने कितनी चीजों की देखभाल करना था. अब महिलाएं सुपर वुमन बन गई हैं, क्योंकि बहुत सी महिलाएं काम करती हैं और घर आने के बाद भी बच्चों की देखभाल करती हैं.”

एक्ट्रेस ने कहा, ”काम और मदरहुड को एक साथ संभालना चुनौती भरा जरूर है. मैं खुद को बहुत लकी मानती हूं, क्योंकि मेरे साथ ऐसे लोगों का सपोर्ट है, जिनकी मदद से मैं अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल जिम्मेदारियों को मैनेज कर पाती हूं. अगर मुझे मदद नहीं मिलती, तो मेरे लिए अपने काम के लिए बाहर आना भी मुश्किल होता.”

उन्होंने आगे कहा, ”अगर आप जिंदगी में अलग-अलग चीजें चाहते हैं, तो आपको अलग-अलग समय पर चीजों को प्राथमिकता देनी पड़ती है. जाहिर तौर पर यह आसान नहीं है, लेकिन अगर आपके पास साधन हैं तो यह इतना मुश्किल भी नहीं है.”

प्रीति ने कहा, ”जो महिलाएं बिना किसी मदद के नौकरी के साथ घर और बच्चों की जिम्मेदारी संभालती हैं, उनके लिए मेरे दिल से बेहद सम्मान है. हर महिला की परिस्थितियां अलग होती हैं और जिन महिलाओं के पास मदद के ज्यादा साधन नहीं हैं, उनके लिए यह सफर और भी चुनौतीपूर्ण होता है. मैं इस बात के लिए भगवान की शुक्रगुजार हूं कि मेरे पास अपनी जिंदगी के बारे में कुछ विकल्प चुनने की आजादी है.”

पीके/एएस

Leave a Comment