ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपो का दिल्ली में आगाज, 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स का प्रदर्शन

New Delhi, 11 सितंबर . 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले Friday को New Delhi के India मंडपम में दो दिवसीय ‘ब्रिक्स India इनोवेट्स (बीबीआई) एक्सपो’ की शुरुआत हुई. इस प्रदर्शनी में India की डीप-टेक नवाचार क्षमता और उच्च शिक्षा संस्थानों से जुड़े स्टार्टअप्स का वैश्विक प्रदर्शन किया जा रहा है.

शिक्षा मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के समन्वय से इस एक्सपो का आयोजन किया है. इसका उद्देश्य भारतीय उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र से विकसित नवाचारों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना और स्टार्टअप्स, उच्च शिक्षा संस्थानों, शोध प्रयोगशालाओं व रिसर्च पार्कों को दुनिया भर के उद्योग जगत, निवेशकों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, Governmentों और प्रवासी भारतीय नेटवर्क से जोड़ना है.

ब्रिक्स India इनोवेट्स एक्सपो 2026 इस वर्ष India की दूसरी बड़ी डीप-टेक प्रदर्शनी है. इससे पहले जून 2026 में फ्रांस के नीस शहर में पहली बार India इनोवेट्स का आयोजन किया गया था. उस कार्यक्रम में शामिल 120 स्टार्टअप्स में से चुनी गई 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स इस बार ब्रिक्स मंच पर अपनी तकनीक और नवाचारों का प्रदर्शन कर रही हैं.

यह प्रदर्शनी India की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” के अनुरूप आयोजित की जा रही है.

बीबीआई एक्सपो का आयोजन Friday को ब्रिक्स बिजनेस फोरम के साथ किया गया है, जिससे भारतीय स्टार्टअप्स को ब्रिक्स देशों के सीईओ, निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और कारोबारियों के साथ सीधे संवाद और नेटवर्किंग का अवसर मिलेगा. इसके माध्यम से बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) साझेदारी, प्रौद्योगिकी सहयोग, निवेश वार्ता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा.

यह एक्सपो India की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत शिक्षा क्षेत्र की प्राथमिकताओं में शामिल “रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने” के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाता है.

Prime Minister Narendra Modi, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और ब्रिक्स देशों के शीर्ष नेताओं के इस प्रदर्शनी का दौरा करने की संभावना है. इसके अलावा ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति और कारोबारी नेता भी एक्सपो में शामिल होंगे.

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस मंच से भारतीय स्टार्टअप्स को ब्रिक्स देशों के निवेशकों और उद्योग जगत तक सीधी पहुंच, राष्ट्राध्यक्षों और Government प्रमुखों के स्तर पर दृश्यता, एफआईसीसीआई, सीआईआई और एसोचैम के सहयोग से बी2बी बैठकों और संरचित मैचमेकिंग, तथा वैश्विक स्तर पर ब्रांड और कूटनीतिक विश्वसनीयता हासिल करने का अवसर मिलेगा.

गौरतलब है कि India की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत शिक्षा मंत्रालय ने 5 अगस्त को Odisha के भुवनेश्वर में तीसरी ब्रिक्स वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों की बैठक और 7 अगस्त को 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक आयोजित की थी. शिक्षा मंत्रियों की बैठक में पांच प्राथमिक क्षेत्रों- प्रारंभिक बाल शिक्षा और आधारभूत साक्षरता, कौशल विकास एवं टीवीईटी, अनुसंधान-नवाचार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम, योग्यता की पारस्परिक मान्यता तथा शैक्षणिक नेतृत्व और संस्थागत क्षमता निर्माण पर सहयोग संबंधी घोषणा-पत्र को अपनाया गया.

डीएससी

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