महाराष्ट्र के साथ तुम्मिडिहट्टी बैराज पर बातचीत को तैयार सीएम फडणवीस: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी

हैदराबाद, 23 अक्टूबर . तेलंगाना के Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी ने Friday को कहा कि Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने गोदावरी नदी पर प्रस्तावित तुम्मिडिहट्टी बैराज के निर्माण को लेकर बातचीत के लिए सहमति जताई है.
Chief Minister ने संबंधित अधिकारियों को Maharashtra Government के साथ होने वाली अहम बैठक की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं.
Chief Minister रेवंत रेड्डी ने तुम्मिडिहट्टी बैराज के साथ-साथ डिंडी और अचंपेट लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की.
बैठक में सिंचाई विभाग के इंजीनियरों ने Chief Minister को बताया कि यदि तुम्मिडिहट्टी में 152 मीटर या 150 मीटर ऊंचाई का बैराज बनाया जाता है तो वहां से येल्लमपल्ली परियोजना तक कितने पानी का मोड़ संभव होगा.
बैठक में उपChief Minister भट्टी विक्रमार्क, सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी, मंत्री जूपल्ली कृष्णा राव, दुड्डिला श्रीधर बाबू, राज्यसभा सांसद वेम नरेंद्र रेड्डी और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
अधिकारियों ने बताया कि तुम्मिडिहट्टी बैराज बनने से Maharashtra के गांवों को डूब का कोई बड़ा खतरा नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि यदि बैराज की ऊंचाई 152 मीटर रखी जाती है तो लगभग 2,300 एकड़ भूमि प्रभावित हो सकती है. वहीं, 150 मीटर ऊंचाई होने पर डूब क्षेत्र घटकर 1,000 एकड़ से कम रह जाएगा.
Chief Minister ने अधिकारियों को Maharashtra में संभावित डूब क्षेत्र का आकलन करने और अधिकतम जल संग्रह व डायवर्जन सुनिश्चित करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए.
रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह बैराज अविभाजित आदिलाबाद जिले की लगभग 2 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि आदिलाबाद वन क्षेत्र, आदिवासी आबादी और सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से पिछड़े इलाके वाला जिला है.
Chief Minister ने उम्मीद जताई कि Maharashtra के साथ सकारात्मक चर्चा और सहमति बनने पर आदिवासी बहुल क्षेत्र की दशकों पुरानी जल समस्या का समाधान हो सकेगा.
उन्होंने कहा कि यह परियोजना ‘जल, जंगल और जमीन’ पर निर्भर वनवासी समुदायों के लिए भी लाभकारी साबित होगी.
Chief Minister ने अधिकारियों को केंद्रीय जल आयोग की मौजूदगी में दिल्ली में दोनों राज्यों के बीच हुई पिछली बैठकों का पूरा रिकॉर्ड तैयार रखने और आयोग द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
उन्होंने सिंचाई इंजीनियरों से कहा कि बैराज की ऊंचाई पर स्पष्टता आने के बाद तुम्मिडिहट्टी से येल्लमपल्ली तक जल प्रवाह के मार्ग और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर तेजी से काम किया जाए.
Chief Minister ने कहा कि Maharashtra पहले 148 मीटर ऊंचाई के बैराज पर सहमति जता चुका है, लेकिन इतनी कम ऊंचाई होने पर आवश्यक मात्रा में पानी का मोड़ संभव नहीं होगा.
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि जल उपलब्धता, डूब क्षेत्र और अन्य तकनीकी पहलुओं को शामिल करते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि Maharashtra को 152 मीटर ऊंचाई वाले बैराज के लिए राजी किया जा सके.
रेवंत रेड्डी ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि Maharashtra के साथ होने वाली वार्ता में तेलंगाना की जल आवश्यकताओं और राज्य के पक्ष को स्पष्ट एवं प्रभावी ढंग से रखा जाए.
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एएमटी/डीकेपी


