
New Delhi, 27 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल की की 100वीं जन्मजयंती पर उन्हें याद किया. पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन को दिशा और ऊर्जा दी. आज उसी का परिणाम है कि हम अयोध्या में भव्य मंदिर को साक्षात देख रहे हैं.
‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में Prime Minister मोदी ने कहा, “आज 27 सितंबर की ये तारीख एक विशेष कारण से और भी विशेष हो गई है. आज एक ऐसे महानुभाव की 100वीं जन्मजयंती है, जिन्होंने संस्कृति, समाज और राष्ट्र के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था. मैं बात कर रहा हूं, ‘विश्व हिंदू परिषद’ के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल की.”
पीएम मोदी ने कहा कि 27 सितंबर 1926 को आज के दिन आगरा में अशोक सिंघल का जन्म हुआ था. उन्होंने समाज में रहकर तपस्वियों जैसा जीवन जिया. उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन को जो दिशा और ऊर्जा दी, आज उसी का परिणाम है कि हम अयोध्या में भव्य मंदिर को साक्षात देख रहे हैं.
उन्होंने कहा, “मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है कि मैंने न सिर्फ उनके उस जीवन को करीब से देखा, बल्कि मुझे उनके साथ इस मिशन से जुड़ने का भी अवसर मिला. जब मैं राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में शामिल हो रहा था, तब भी मुझे बार-बार अशोक जी की याद आना बहुत स्वाभाविक था. अशोक जी के बारे में ऐसी कितनी ही बातें हैं, जिनकी उतनी चर्चा नहीं होती. राम मंदिर आंदोलन के साथ उन्होंने सामाजिक भेदभाव और विषमता के खिलाफ भी एक बड़ी लड़ाई लड़ी थी.”
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि अशोक सिंघल का जन्म एक बेहद समृद्ध परिवार में हुआ था. उनके पिता एक सिविल सेवा अधिकारी थे. उनके भाई-बहनों में भी अधिकांश लोग बड़े-बड़े पदों पर रहे. वे खुद भी आईआईटी बीएचयू से ग्रेजुएट थे, लेकिन इस सबके बावजूद उन्होंने समाज और संस्कृति के लिए अपना जीवन समर्पित किया यही महान लोगों की पहचान होती है. आज मैं उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर उनके करोड़ों प्रशंसकों की ओर से उन्हें नमन करता हूं. मेरी तरफ से भावपूर्ण श्रद्धांजलि देता हूं.
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डीसीएच/