
Bhopal , 23 अगस्त . Madhya Pradesh में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक, बिजली गिरने, भारी से बहुत भारी बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र, Bhopal की ओर से Sunday को जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई.
यह चेतावनी 26 अगस्त तक के लिए जारी की गई है. India मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. पूर्वी और मध्य Madhya Pradesh के कुछ इलाकों में सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिल सकता है.
23 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई. गोहपाल क्षेत्र में 98 मिमी, जैतहरी में 85.6 मिमी, बुढार में 85 मिमी और बैहर में 82 मिमी बारिश हुई. शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़ और सतना जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की गई. टीकमगढ़ में 39 किमी प्रतिघंटा और होशंगाबाद में 35 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं.
अगले पांच दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, डिंडोरी, बालाघाट, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, दमोह और सागर जिलों में अलग-अलग दिनों में बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है. Bhopal , इंदौर, ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के अधिकांश जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है.
इस बीच Chief Minister मोहन यादव Sunday को दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. उन्होंने रीवा, शहडोल और जबलपुर संभागों में हुई अत्यधिक बारिश तथा राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ की.
Chief Minister ने प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने, बाढ़ प्रभावित गांवों और शहरी वार्डों में विशेष चिकित्सा शिविर लगाने, पेयजल स्रोतों का क्लोरीनीकरण करने और बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने के निर्देश दिए.
Chief Minister ने विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का भी आदेश दिया. साथ ही फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को आवश्यकता अनुसार बीज और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा सके. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा Government की सर्वोच्च प्राथमिकता है और Government पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है.
उन्होंने पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सा टीमों को भेजने, महामारी की आशंका रोकने के लिए मृत पशुओं के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और गौशालाओं व अन्य आश्रय स्थलों में चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए.
आने वाले दिनों में मौसम प्रणाली के सक्रिय रहने के कारण प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के लिए कहा गया है. आईएमडी ने चेतावनी दी है कि निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि, कमजोर संरचनाओं को नुकसान, बिजली एवं यातायात सेवाओं में बाधा तथा लोगों, पशुओं और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रह सकता है.
साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि आंधी-तूफान के दौरान घरों के भीतर रहें, बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें, अस्थायी ढांचों को सुरक्षित रखें और जलभराव वाली सड़कों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें.
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एएमटी/डीकेपी