
यरुशलम, 23 अगस्त . इजरायल के Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने गाजा पट्टी से इजरायल की ओर भेजे जा रहे ड्रोन, गुब्बारों और पतंगों से पैदा हुए सुरक्षा खतरे पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख और इजरायली सेना (आईडीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में इजरायल ने हमास को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गाजा से ड्रोन, गुब्बारों और पतंगों के जरिए हमले तुरंत नहीं रुके, तो आईडीएफ इन हमलों के जिम्मेदार लोगों पर लक्षित हमले और तेज करेगी.
बयान में कहा गया कि जिन इलाकों का इस्तेमाल ड्रोन, पतंग और गुब्बारे लॉन्च करने के लिए किया जा रहा है, वहां की आबादी को भी खाली कराया जाएगा ताकि आतंकवादी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके.
Prime Minister नेतन्याहू ने कहा कि 7 अक्टूबर 2023 से पहले जैसी स्थिति दोबारा नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इजरायल हमास या गाजा में मौजूद किसी भी अन्य तत्व को अपने समुदायों के लिए दोबारा खतरा पैदा करने और नागरिकों की सुरक्षा भावना से समझौता करने की अनुमति नहीं देगा.
इससे पहले इजरायल ने अमेरिका को बताया था कि तुर्किये उत्तर-पश्चिमी सीरिया के अबू अल-दुहूर सैन्य हवाई अड्डे पर रडार सिस्टम और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात करने की तैयारी कर रहा है. इजरायली सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कदम क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को काफी हद तक बदल सकता है.
इजरायल ने Tuesday को अबू अल-दुहूर एयरबेस पर हवाई हमला किया था. रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा था कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई, क्योंकि तुर्किये की संभावित सैन्य तैनाती इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थी.
उनके अनुसार, हमले से पहले सीरिया को उच्च स्तर पर कूटनीतिक चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर आईडीएफ को कार्रवाई की अनुमति दी गई.
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डीएससी