मतदाता सूची में 3 अफगान नागरिकों के नाम पर झामुमो ने केंद्र को घेरा, कहा-गृह मंत्रालय दे जवाब

रांची, 10 सितंबर . Jharkhand में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान वोटर लिस्ट में तीन अफगान नागरिकों के नाम सामने आने के बाद सियासत तेज हो गई है. सत्ताधारी Jharkhand मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने इस मुद्दे पर सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय को कटघरे में खड़ा किया है.

रांची में झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने वोटर लिस्ट में तीन अफगान नागरिकों के नाम शामिल होने के मामले पर कहा, “सबसे पहले, गृह मंत्रालय से यह पूछा जाना चाहिए कि अफगान नागरिक यहां कैसे रह रहे थे, किसकी इजाजत से रह रहे थे और क्या उनके वीजा वैध थे या नहीं. इसकी जांच कौन करेगा? क्या हेमंत सोरेन इसकी जांच करेंगे? कौन देखेगा कि कोई विदेशी नागरिक कहां से आ रहा है, कहां जा रहा है, किसकी इजाजत से जा रहा है और उनकी गतिविधियों का मकसद क्या है? इन सभी चीजों पर नजर रखने के लिए एक विभाग है- गृह विभाग, जो विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम करता है. यह कैसे हुआ? सबसे पहले गृह मंत्रालय को यह साफ करना चाहिए कि वे लोग किसकी इजाजत से आए थे.”

जेपीएससी और एएसएससी मामले को लेकर मनोज पांडे ने पूर्व की भाजपा Governmentों पर हमला बोला. उन्होंने कहा, “उस समय, 2000 से 2023 के बीच जो रिपोर्टें आईं—जब बाबूलाल मरांडी और फिर अर्जुन मुंडा सत्ता में थे- उनसे यह साबित हो चुका था कि नियुक्तियां पैसे और रसूख के आधार पर की गई थीं. कितना पैसा लिया गया था? उस समय ऐसी रिपोर्टें आई थीं कि 1 करोड़ रुपये लिए गए थे. आज, कम से कम हमारी राज्य एजेंसी ने इन बातों का खुलासा किया है. अब सब कुछ सामने आ रहा है. ये तथ्य सार्वजनिक हो रहे हैं और पता चल रहा है कि इसमें कौन-कौन शामिल था. उस समय Political दखलंदाजी थी और ऊंचे पदों पर बैठे लोग इसमें शामिल थे. आज इसमें किसी राजनेता का नाम सामने नहीं आया है. किसी राजनेता ने अपने भाई या भतीजे को नियुक्त नहीं करवाया है.”

Gujarat की शेल पार्टियों को मिल रहे हजारों करोड़ के चंदे पर जेएमएम प्रवक्ता ने कहा, “सिर्फ जांच से ही पता चलेगा कि वे क्या कर रहे हैं. सीबीआई क्या कर रही है? आयकर विभाग क्या कर रहा है? यह पैसा कहां से आता है? इसे किस मकसद से भेजा जाता है? इसका स्रोत क्या है? यह बात सार्वजनिक होनी चाहिए. इस पर एक श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए. केंद्र Government क्या कर रही है? चुनाव आयोग क्या कर रहा है? क्या चुनाव आयोग सिर्फ Jharkhand में आदिवासियों के नाम हटाने के लिए ही आगे आएगा?”

Madhya Pradesh कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने के ऐलान पर उन्होंने कहा, “सनातन को मजबूत करना है तो इस तरह की कवायद करनी होगी और जो सनातन विरोधी लोग हैं उनको एक्सपोज करना होगा. जो भी Political दल खास करके यूपी में जो सक्रिय Political दल हैं उनको इस तरह के कार्यक्रम करने चाहिए जिससे यह चोर लोग जिन लोगों ने भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम को भी नहीं बख्शा, उनके घर में भी चोरी कर ली, उनके चरण पादुका लेकर भाग गए, वैसे लोगों को जनता के बीच एक्सपोज करने की आवश्यकता है. इस तरह के कार्यक्रम और दलों को भी करना चाहिए.”

पीआईएम/पीएम

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