मणिपुर: उग्रवादियों के हमले में स्कूल प्रिंसिपल समेत चार लोगों की मौत

इंफाल, 27 अगस्त . Thursday को मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सशस्त्र उग्रवादियों के हमले में एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल समेत कम से कम चार लोग मारे गए और एक अन्य घायल हो गया.

मकुई अशंग और थानम्बा नागा गांवों के बीच एक सुनसान इलाके में उग्रवादियों ने एक वाहन पर हमला किया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया. इंफाल के एक Police अधिकारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चारों पीड़ित लियांगमाई नागा समुदाय के थे और उग्रवादियों द्वारा करीब से की गई गोलीबारी में मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

चारों शवों को सेनापति जिला अस्पताल ले जाया गया. घायल व्यक्ति का भी अस्पताल में इलाज किया गया.

दिनदहाड़े हुई इन हत्याओं के बाद, नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (एनपीओ) ने सेनापति जिला मुख्यालय शहर में दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद करने के लिए मजबूर किया.

विभिन्न नागा संगठनों ने दावा किया कि दो से तीन सशस्त्र कुकी उग्रवादियों ने मकुई अशंग और थानम्बा नागा के बीच निर्दोष नागा नागरिकों पर हमला किया. यह इलाका आईटी रोड के किनारे बसे नागा समुदायों के लिए जीवन रेखा का काम करता है.

पीड़ितों की पहचान विसोबू चारेनमई, ताडसोंगबू रिंगकांगमई, मारियाकदिबू विजुनामई और अनिल विजुनामई के रूप में हुई है. हमले में गैकामंग रिंगकांगमई घायल हो गए, जबकि नागा छात्र नेता जापौ एमके चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गए.

विसोबू चारेनामई चावांगकिनिंग ग्राम प्राधिकरण के अध्यक्ष और एक स्थानीय संगठन के पूर्व उपाध्यक्ष थे. वहीं, ताडसोंगबू रिंगकांगमाई निजी शिक्षण संस्थान राइट पाथ स्कूल के संस्थापक और प्रधानाचार्य थे.

मणिपुर में नागा लोगों की सर्वोच्च संस्था, यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने एक बयान में इन हत्याओं की कड़ी निंदा की और दावा किया कि सुरक्षा में पूरी तरह से चूक हुई, जिसके कारण कांगपोकपी जिले में आईटी रोड पर चार लियांगमाई नागा नागरिकों की मौत हुई.

यूएनसी ने आरोप लगाया कि Government ने सुरक्षा बलों की तैनाती में भेदभाव किया. उसने Government पर आरोप लगाया कि उसने कुकी उग्रवादियों को, जो Government के साथ निलंबित संचालन (एसओओ) समझौते के तहत हैं, खुली छूट दी है.

बयान में कहा गया कि Government द्वारा सुरक्षा बलों की भेदभावपूर्ण तैनाती और Government के साथ निलंबित संचालन (एसओओ) समझौते के तहत Governmentी वेतनभोगी कुकी उग्रवादियों को खुली छूट देना.

यूएनसी ने अधिकारियों से तत्काल दोषियों को गिरफ्तार करने और जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की. बयान में कहा गया कि इस तरह के आतंकी कृत्यों को बिना सजा के नहीं छोड़ा जाना चाहिए. इसके अलावा, इस जघन्य अपराध की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की जाती है.

बयान में आगे कहा गया कि नागा जनता को कुकी उग्रवादियों द्वारा अज्ञात ताकतों के गुप्त समर्थन से जानबूझकर पैदा की जा रही इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए.

यूएनसी ने कहा कि यह घटना शांति, नागा Political वार्ता, Government और नागा समूहों के बीच शांति प्रक्रिया और नागाओं के अपने पैतृक भूभाग पर अस्तित्व के लिए एक सीधा खतरा है.

नागा संगठनों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने मांग की कि अधिकारी महत्वपूर्ण आईटी रोड पर यात्रा करने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाएं.

संगठनों ने Government और सुरक्षा एजेंसियों से हमले में शामिल लोगों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार करने और यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि इस संवेदनशील क्षेत्र में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

एमएस/

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