
Bhopal , 1 अक्टूबर . Enforcement Directorate (ईडी) के Bhopal जोनल ऑफिस ने ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002’ के प्रावधानों के तहत Madhya Pradesh Government के पूर्व असिस्टेंट महेंद्र प्रताप सिंह और उनकी पत्नी रीता सिंह की लगभग 1.64 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है.
ईडी ने Bhopal की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) द्वारा महेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ दर्ज First Information Report के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की. यह First Information Report भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धाराओं 13(1)(बी) और 13(2) के तहत आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज की गई थी.
इसके बाद ईडी की जांच पूरी होने पर ईओडब्ल्यू, Bhopal ने आईपीसी की धारा 120बी और ‘प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (संशोधन) एक्ट, 2018’ की धारा 13(1)(बी) व 13(2) के तहत रीवा (Madhya Pradesh) की विशेष अदालत में अंतिम रिपोर्ट/चार्जशीट दाखिल की.
ईडी की जांच से पता चला है कि 13 फरवरी 1995 से 9 सितंबर 2020 की अवधि के दौरान, महेंद्र प्रताप सिंह ने लगभग 1.64 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों का लगभग 191.11 प्रतिशत थी.
महेंद्र प्रताप सिंह ने एक Governmentी कर्मचारी के पद पर रहते हुए गलत तरीके से कमाई गई इस संपत्ति का इस्तेमाल चल और अचल संपत्तियां खरीदने में किया, जैसे कि इंश्योरेंस पॉलिसी, वाहन, जमीन के टुकड़े और स्कूल की इमारत का निर्माण आदि के लिए. इसी के साथ आरोपी अपनी आय के स्रोतों को साबित करने में विफल रहे.
इसके अनुसार, ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 5(1) के तहत लगभग 1.64 करोड़ रुपए की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है, जिसमें रीवा, Madhya Pradesh में स्थित जमीन का टुकड़ा और स्कूल की इमारत शामिल है, जो अपराध से प्राप्त आय से बनाई गई थी.
वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच और कार्रवाई जारी है.
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डीके/डीकेपी