
New Delhi, 1 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी ने Thursday को मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि India में चुनाव प्रक्रिया को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र Government को खुश करने के लिए ‘हाईजैक’ कर लिया गया है और ‘केंद्रीकृत’ कर दिया गया है.
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को ‘वैनिश कुमार’ कहकर संबोधित किया और कहा कि जिसने नागरिकों के मतदान के अधिकार छीनने की कोशिश की है, मैं उसे कैसे माफ कर सकती हूं? इसका फैसला India की जनता को करना है.
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि (अविभाजित) तृणमूल कांग्रेस द्वारा जीते गए क्षेत्रों में अधिक संख्या में नाम हटाए गए हैं.
उन्होंने कहा कि हम अदालतों में गए, यहां तक कि एसआईआर के सौ ‘पीड़ितों’ को लेकर चुनाव आयोग कार्यालय भी गए… लेकिन उन्होंने हमारा अपमान किया. इसके अलावा, जब हमारी पार्टी के सांसद पार्टी चिन्ह के संबंध में चुनाव आयोग से मिलने गए, तो उन्हें ‘चले जाओ’ कह दिया गया.
बंगाल की पूर्व Chief Minister ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के लिए 2023 में लागू किए गए प्रतिरक्षा प्रावधान पर भी सवाल उठाया.
उन्होंने टिप्पणी की कि जब Lok Sabha और राज्यसभा से 147 सांसदों को निलंबित किया गया था, तब प्रतिरक्षा विधेयक पारित किया गया था. अन्यथा, इसे बहुमत का समर्थन नहीं मिलता… यह एक विषैले सांप के डंक के समान है. तथाकथित प्रतिरक्षा के नाम पर कानून को अपने हाथ में नहीं लिया जा सकता.
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और राजद द्वारा लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि तब तक बहुत देर हो चुकी थी… उन्होंने कोशिश की, लेकिन विवरणों का और अधिक अध्ययन किया जाना था.
पूर्व Chief Minister ने अपने बताए गए ‘तथ्यों’ को पढ़ते हुए दावा किया कि बंगाल में ईवीएम मशीनें जलाई गईं… भाजपा ने एसआईआर की साजिश रची.
उन्होंने कहा कि 2021 से 2026 के चुनावों तक, लगभग 3.5 लाख मतदाताओं को मतदाता सूची से हटा दिया गया.
इसके अलावा, ममता बनर्जी ने निर्वाचन क्षेत्रवार मतदाता विवरण प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि सबसे अधिक मतदाता उन जिलों से हटाए गए हैं जहां तृणमूल कांग्रेस (अविभाजित) ने पहले जीत हासिल की थी.
उन्होंने चुनाव आयोग के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की महानिदेशक सीमा खन्ना पर भी मतदाताओं के नाम अचानक हटाने में शामिल होने का आरोप लगाया.
ममता बनर्जी ने कहा कि हमने चुनाव आयोग में उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए पत्र लिखा था. चुनाव प्रक्रिया, जो कभी विकेंद्रीकृत थी, अब पूरी तरह से केंद्रीकृत कर दी गई है. पश्चिम बंगाल कार्यकारी अधिकारी संघ ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखकर ईआरओ को ईसीआईएनईटी सॉफ्टवेयर तक पहुंच से वंचित किए जाने पर आपत्ति जताई थी…18 बीएलओ ने आत्महत्या तक कर ली.
उन्होंने कहा कि Maharashtra जैसे अन्य राज्यों में भी ऐसी ही घटनाएं हुईं, लेकिन किसी ने सवाल नहीं उठाए क्योंकि लोग चुनाव आयोग पर भरोसा करते हैं.
भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से 15,000 वोटों से जीत का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि दो-तीन दौर के बाद मतगणना केंद्रों पर कब्जा कर लिया गया. मुझ पर हमला किया गया और मुझे केंद्र में प्रवेश करने से रोका गया. cctv कैमरे भी अवरुद्ध कर दिए गए थे. ईवीएम को हैक कर लिया गया था.
बनर्जी ने जोर देकर कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सीमा खन्ना और ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल में मतगणना प्रक्रिया को हाईजैक कर लिया.
उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार की प्रतिशोध की भावना केवल केंद्र Government को संतुष्ट करने के लिए थी.
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एमएस/