भारत मंडपम में ‘विकसित भारत 2047’ पर मंथन, गोवा के सीएम ने कहा- केंद्र-राज्य एक दिशा में सोचेंगे तो लक्ष्य होगा आसान

New Delhi, 19 सितंबर . राष्ट्रीय राजधानी New Delhi के India मंडपम में Saturday को ‘फाइनेंसिंग इंडियाज जर्नी टुवर्ड्स विकसित भारत’ कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. इस आयोजन में गोवा के Chief Minister प्रमोद सावंत, Maharashtra के वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल और तेलंगाना के उपChief Minister मल्लू भट्टी विक्रमार्क भी शामिल हुए.

कॉन्फ्रेंस में गोवा के Chief Minister प्रमोद सावंत ने कहा, “जब देश और राज्य एक ही दिशा में सोचते हैं, तो विकसित India के साथ विकसित राज्य बनने में आसानी होती है. विकसित गोवा की बात करें तो विकसित India 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में राज्य को इसका बहुत फायदा होगा. कॉन्फ्रेंस में बेस्ट प्रैक्टिसेज पर चर्चा हुई, जिसमें अन्य राज्यों की अच्छी योजनाओं को अपनाने, राज्य के आर्थिक विकास, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पर नियंत्रण, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, रिफॉर्म्स और रेगुलराइजेशन जैसे मुद्दों पर सभी वित्त मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने अपने विचार रखे.”

सीएम सावंत ने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस से इकोनॉमिक और एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट समेत सभी क्षेत्रों को लेकर मार्गदर्शन मिला है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से की गई पहल के लिए उनका अभिनंदन करते हैं और Prime Minister Narendra Modi के ‘विकसित India 2047’ के विजन को जल्द सफल बनाने के लिए रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी.

इसी कार्यक्रम में शामिल Maharashtra के वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने कहा, “वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो दिवसीय चर्चा सत्र का आयोजन किया है, जिसमें देश के सभी मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों को आमंत्रित किया गया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Prime Minister के ‘विकसित India 2047’ के रोडमैप के साथ अलग-अलग राज्यों के रोडमैप को जोड़ा जाए.”

उन्होंने बताया कि इसमें इस बात पर फोकस है कि हमें अपने वित्तीय संसाधनों का कैसे उपयोग करना चाहिए, देशभर के राज्यों को पूंजीगत निवेश कैसे करना चाहिए और आने वाले निवेश को हर सेक्टर और विभाग में कैसे निर्देशित किया जाना चाहिए.

वहीं, ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यहां आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वैश्विक संतुलन स्थापित करने में बहुत महत्वपूर्ण था. जैसा कि आप देख सकते हैं, चीन जैसे देश और कई अन्य ब्रिक्स राष्ट्र एक साथ आए हैं और दुनिया के सामने एक नया विकल्प पेश किया है. मुझे लगता है कि जब भी एक तरफ से कोई एक्शन होगा, तो दूसरी तरफ से निश्चित रूप से रिएक्शन भी होगा.

तेलंगाना के उपChief Minister मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा, “India Government दिल्ली में यह कॉन्फ्रेंस आयोजित कर रही है, जिसमें देशभर के सभी राज्य भाग ले रहे हैं. देश भर के सभी राज्य 2047 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अपनी कार्य योजना में भाग ले रहे हैं. जैसा कि आप जानते हैं, तेलंगाना ने भी, पिछले साल, 25 दिसंबर को अपने वैश्विक शिखर सम्मेलन में घोषणा की थी कि तेलंगाना का लक्ष्य, हमने 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था रखी है.”

उन्होंने आगे कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए हमने अपने राज्य के विकास को तीन हिस्सों में डिजाइन किया है: मुख्य शहरी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, उप-नगरीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण-कृषि अर्थव्यवस्था. इन तीन क्षेत्रों के जरिए हम इंडस्ट्री, सॉफ्टवेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोर इंडस्ट्री और एग्री-बेस्ड वैल्यू-एडेड इंडस्ट्री जैसी सभी चीजों को मिलाकर 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचेंगे. इसे ध्यान में रखते हुए हमने प्लान डिजाइन किया है और हम उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

केके/एबीएम

Leave a Comment