भारत की स्थापत्य परंपरा प्राचीन काल से ही समृद्ध: सीएम मोहन यादव

Bhopal , 15 सितंबर . Madhya Pradesh के Chief Minister यादव ने कहा कि India की स्थापत्य परंपरा प्राचीन काल से ही समृद्ध रही है. एलोरा का कैलाश मंदिर, मंदसौर का धर्मराजेश्वर मंदिर हमारी असाधारण तकनीकी दक्षता का परिचय देती हैं.

राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अभियंता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए Chief Minister मोहन यादव ने कहा कि अभियंता उपलब्ध संसाधनों, ज्ञान और अपनी योग्यता का समन्वय कर क्षमता को कई गुना बढ़ा देते हैं. प्रकृति के पंचतत्वों और आधुनिक तकनीक के संतुलित उपयोग से वे समाज के लिए ऐसी स्थायी संरचनाओं का निर्माण करते हैं, जो पीढ़ियों तक उपयोगी रहती हैं.

उन्होंने आगे कहा कि India की स्थापत्य परंपरा प्राचीन काल से ही समृद्ध रही है. एलोरा का कैलाश मंदिर, मंदसौर का धर्मराजेश्वर मंदिर, प्राचीन जल संरचनाएं तथा जीवंत प्रतीत होने वाली शिल्पकृतियां तत्कालीन अभियंताओं और शिल्पकारों की असाधारण तकनीकी दक्षता का परिचय देती हैं. Madhya Pradesh की प्राचीन स्थापत्य विरासत ने देश के लोकतांत्रिक भवनों की वास्तुकला को भी प्रेरणा दी है. यह गौरवशाली विरासत आज के अभियंताओं को आधुनिक तकनीक के साथ नए प्रयोग करने की प्रेरणा देती है.

Chief Minister मोहन यादव ने कहा कि देश की गौरवशाली प्राचीन स्थापत्य विरासत आज भी तकनीक के साथ नये प्रयोग की प्रेरणा देती है. अभियंता अपनी प्रतिभा, तकनीकी ज्ञान और नवाचार से विकास की संभावनाओं को धरातल पर साकार करते हैं. किसी नए मार्ग का निर्माण केवल आवागमन की सुविधा नहीं देता, बल्कि वह उस पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का नया द्वार खोलता है. अभियंताओं द्वारा तैयार की जाने वाली प्रत्येक परियोजना और डिजाइन में प्रदेश के भविष्य की आर्थिक संरचना की परिकल्पना निहित होती है.

उन्होंने समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंताओं, अधिकारियों, संयुक्त दलों और निर्माण एजेंसियों को 5 श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया. इस अवसर पर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग और सीएसआईआर-एम्प्री Bhopal के बीच टिकाऊ अधोसंरचना निर्माण के लिए एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ.

एसएनपी/डीकेपी

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