भारत की डिजिटल पेमेंट सिस्टम दुनिया की सबसे उन्नत प्रणालियों में से एक, ब्रिक्स में हमारी बड़ी भूमिका: पेटीएम सीईओ

New Delhi, 11 सितंबर . पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा ने Friday को कहा कि India का डिजिटल भुगतान तंत्र आज दुनिया के सबसे उन्नत भुगतान प्रणालियों में से एक बन चुका है. उन्होंने कहा कि India ने डिजिटल भुगतान, वित्तीय सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे ब्रिक्स देशों के लिए भी एक महत्वपूर्ण योगदान हैं.

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026’ के इतर न्यूज एजेंसी से बात करते हुए पीटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय India में हो रहा है जब पूरी दुनिया देश को एक सक्षम, आत्मनिर्भर और मजबूत राष्ट्र के रूप में देख रही है. उन्होंने कहा कि India ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है.

शर्मा ने कहा, “चाहे हमारा भुगतान तंत्र हो, वित्तीय सेवाएं हों, एआई क्षमता हो या तकनीकी नवाचार, India ने जो बनाया है वह ब्रिक्स के लिए हमारी ओर से एक महत्वपूर्ण योगदान है.”

उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में Prime Minister Narendra Modi ने आत्मनिर्भर India का जो मिशन शुरू किया, उसमें देश के उद्यमियों और उद्योग जगत ने सक्रिय भागीदारी निभाई है.

उन्होंने कहा कि अनेक उद्यमियों ने इस पहल को अवसर के रूप में स्वीकार किया और नवाचार के माध्यम से India को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दिया. इसी प्रयास का परिणाम है कि आज India का डिजिटल भुगतान ढांचा दुनिया के सबसे विकसित और व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले भुगतान तंत्रों में शामिल है.

इसी कार्यक्रम में एकीकृत वाणिज्य मंच हेसा के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) वंसी उदयगिरि ने से कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में एक नए वैश्विक नेतृत्व का उदय हो रहा है. उन्होंने कहा कि भारत, चीन और रूस जैसे बड़े देशों का एक साथ आना वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है और इससे सीमा-पार आर्थिक सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे.

उदयगिरि ने आगे बताया कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और डिजिटल परिवर्तन पर दिया जा रहा जोर India को वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) से आगे बढ़ाकर पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण विकास मॉडल के रूप में स्थापित कर रहा है.

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल परिवर्तन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में India ने जिस प्रकार नेतृत्व दिखाया है, वह अन्य देशों के लिए भी प्रेरणादायक है. विशेष रूप से स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में India की उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं.

उदयगिरि ने यह भी कहा कि ब्रिक्स देशों के लिए प्रस्तावित एमएसएमई सहयोग पोर्टल और इनवॉइस डिस्काउंटिंग तंत्र जैसी पहलें छोटे और मध्यम उद्यमों को नई गति दे सकती हैं. उन्होंने कहा कि इन पहलों के माध्यम से India ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार, निवेश और डिजिटल सहयोग को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

डीबीपी

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