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Monday, 19 October 2026
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भारत का लगातार 7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज करना मजबूत आर्थिक प्रदर्शन का संकेत : शीर्ष अर्थशास्त्री

India का लगातार 7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज करना मजबूत आर्थिक प्रदर्शन का संकेत : शीर्ष अर्थशास्त्री

New Delhi, 17 अक्टूबर . अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और विश्व बैंक समेत लगभग सभी प्रमुख संस्थानों ने हाल ही में India की आर्थिक वृद्धि के अनुमानों को बढ़ाकर इस साल और अगले साल के लिए 7 प्रतिशत से अधिक कर दिया है. यह बयान प्रमुख अर्थशास्त्री क्युंघून किम ने दिया.

social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में किम ने कहा कि वृद्धि के अनुमानों में यह बढ़ोतरी अपने आप में महत्वपूर्ण है और India के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन को दिखाता है.

India की आर्थिक वृद्धि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान अर्थव्यवस्था में 5.8 प्रतिशत की गिरावट आने के बाद 2021 में 9.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इसके बाद अगले लगातार चार वर्षों में अर्थव्यवस्था 7 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ी.

उन्होंने कहा कि उनके समेत कई अर्थशास्त्रियों ने तिमाही जीडीपी के आंकड़े सामने आने के साथ बार-बार आर्थिक वृद्धि के अनुमानों को बढ़ाया.

किम ने कहा, “इस तरह India ने लगातार पांच वर्षों तक 7 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर्ज की है. यह 2003-2007 के दौर के बराबर है, जब India ने ब्रिक (बीआरआईसी) अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में दुनिया का ध्यान आकर्षित किया था. यदि मौजूदा अनुमान सही साबित होते हैं, तो India इस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देगा.”

उन्होंने बताया कि 2021 से 2025 के दौरान India की औसत वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर 7.83 प्रतिशत रही. 1960 से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह किसी भी पांच साल की अवधि की दूसरी सबसे ऊंची औसत वृद्धि दर है. इससे पहले 2003-2007 के दौरान 7.89 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर्ज की गई थी.

अर्थशास्त्री के अनुसार, कई वर्षों तक इस तरह की आर्थिक वृद्धि की गति बनाए रखना विशेष ध्यान देने योग्य है.

किम ने कहा, “आज India की अर्थव्यवस्था का आकार बहुत बड़ा हो चुका है. 2007 में India की जीडीपी 1 लाख करोड़ डॉलर से थोड़ी अधिक थी, जबकि अब यह लगभग 4 लाख करोड़ डॉलर के करीब है. इस कारण 7 प्रतिशत की समान वृद्धि दर का मतलब आज अर्थव्यवस्था का कहीं अधिक बड़ा विस्तार है.”

उन्होंने आगे कहा, “कई चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन 1.4 अरब लोगों वाले देश का यह आर्थिक प्रदर्शन जश्न मनाने योग्य है. मुझे उम्मीद है कि अगली तिमाही के जीडीपी आंकड़े आने पर प्रमुख संस्थानों के अर्थशास्त्री और मैं एक बार फिर अपने आर्थिक वृद्धि अनुमानों में कुछ दशमलव अंकों की बढ़ोतरी करेंगे.”

इससे पहले अक्टूबर में आईएमएफ ने अनुमान जताया था कि India 2027 में जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. यह अनुमान नॉमिनल जीडीपी के लिहाज से लगाया गया है.

आईएमएफ के अनुमान के मुताबिक, जापान इस साल दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान बनाए रख सकता है, लेकिन 2027 तक India उससे आगे निकल सकता है. उस समय India की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 4.5 लाख करोड़ डॉलर होने का अनुमान है.

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एबीएस

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