
Mumbai , 13 सितंबर . गणेश चतुर्थी के मौके पर ‘मैंने प्यार किया’ फेम Actress भाग्यश्री ने लोगों से इस बार पर्यावरण के अनुकूल गणपति की मूर्ति घर लाने की अपील की है. उन्होंने Sunday को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा कर बताया कि आज भी करीब 90 प्रतिशत लोग पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) से बनी गणपति की मूर्तियां घर लाते हैं, जो विसर्जन के बाद पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं.
भाग्यश्री ने लोगों को इसका एक बेहतर विकल्प भी बताया है. उन्होंने इस साल गोमय गणेश को घर लाने की सलाह दी है, जिसे पूजा के बाद विसर्जन करने पर प्रकृति को भी फायदा होता है.
गोमय गणेश गाय के गोबर से बनाई गई गणपति की मूर्ति होती है. इसे कई बार मिट्टी या मुल्तानी मिट्टी जैसी प्राकृतिक चीजों के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है. यह पीओपी से बनी पारंपरिक मूर्तियों का पर्यावरण के अनुकूल विकल्प हो सकता है. Actress ने बताया कि गोमय गणेश विसर्जन के बाद उसे घर के बगीचे की मिट्टी में रखा जा सकता है. समय के साथ यह खाद में बदलकर पौधों के लिए उपयोगी होता है.
अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के साथ भाग्यश्री ने लिखा, ”इस गणेश चतुर्थी गोमय गणेश के साथ ऐसी परंपरा को चुनना चाहिए, जो विसर्जन के बाद भी प्रकृति को कुछ लौटाए. कहते हैं, गाय में देवी-देवताओं का वास होता है और गाय से मिलने वाली हर चीज उपयोगी होती है. पुराने जमाने में गांवों के घरों में कीड़े-मकौड़ों से बचाव और साफ-सफाई के लिए गोबर का इस्तेमाल किया जाता था. आज भी गोबर का इस्तेमाल खाद के रूप में किया जाता है.”
भाग्यश्री ने आगे कहा, ”इसी वैज्ञानिक सोच को ध्यान में रखते हुए गोमय गणेश तैयार किए गए हैं. ये न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि पर्यावरण के लिए पोषण देने वाला विकल्प भी है. पूजा के बाद गोमय गणेश का विसर्जन बगीचे में ही किया जा सकता है, जिससे मिट्टी और पौधों को प्राकृतिक पोषण मिलेगा. इससे गणेश चतुर्थी की परंपरा भी निभेगी और प्रकृति को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसे कुछ वापस देने का मौका भी मिलेगा.”
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पीके/एएस