
jaipur, 12 सितंबर . Rajasthan के भरतपुर जिले में 16 वर्षीय एक नाबालिग से कथित मारपीट, धमकी और झूठे हथियार मामले में फंसाने के आरोप में सात Policeकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आरोपियों में जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) से जुड़े पांच Policeकर्मी, मथुरा गेट थाने में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और एक अन्य Police अधिकारी शामिल हैं.
नाबालिग की बुआ की शिकायत पर Policeकर्मियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
शिकायत के अनुसार, नाबालिग ने पिछले वर्ष दिसंबर में भरतपुर में किराए की कार का व्यवसाय शुरू किया था. आरोप है कि इसके बाद डीएसटी के constable दशरथ ने उससे हर महीने 10 हजार रुपए की मांग शुरू कर दी.
परिवार का आरोप है कि डर के कारण नाबालिग ने लगातार तीन महीने तक रुपए दिए. हालांकि, बाद में आर्थिक नुकसान के कारण उसका व्यवसाय बंद हो गया, लेकिन पैसों की मांग जारी रही.
शिकायत में कहा गया है कि जब नाबालिग ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो constable दशरथ ने उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी.
नाबालिग की बुआ ने बताया कि उसके पिता की मौत जन्म के कुछ समय बाद ही हो गई थी, जिसके बाद वह उसे भरतपुर ले आईं और उसकी परवरिश तथा पढ़ाई की जिम्मेदारी संभाली.
शिकायत के मुताबिक, 19 अगस्त को नाबालिग अपने दोस्तों के साथ खाटू श्यामजी गया था. 21 अगस्त को लौटते समय सुबह करीब 9 बजे उसकी कार का टायर पंक्चर हो गया. वह एक दुकान के पास चाय पीने के लिए रुका था, तभी डीएसटी के दो Policeकर्मी अंकित और मनवीर वहां पहुंचे.
आरोप है कि दोनों ने उसे बताया कि constable दशरथ ने बुलाया है और उसे अपने साथ ले गए.
शिकायत के अनुसार, डीएसटी कार्यालय में मौजूद दशरथ और अन्य कर्मियों ने नाबालिग के साथ बेल्ट, लात और घूंसों से मारपीट की. आरोप है कि constable हरिओम ने उसे प्रताड़ित भी किया.
शिकायत में यह भी कहा गया है कि शाम करीब 5 बजे एएसआई शिवलाल दो अन्य Policeकर्मियों के साथ डीएसटी कार्यालय पहुंचे. इसके बाद नाबालिग की आंखों पर पट्टी बांधकर उसे एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया.
आरोप है कि वहां एक बैग से देसी कट्टा निकालकर उसके पैर पर लगाया गया और Policeकर्मियों ने उसे धमकी दी कि यदि वह उनके बताए अनुसार वीडियो बयान नहीं देगा तो उसे गोली मार दी जाएगी.
शिकायत के मुताबिक, बाद में कथित तौर पर वही कट्टा नाबालिग की पैंट में रख दिया गया और तलाशी का नाटक कर कट्टा बरामद होने का वीडियो बनाया गया.
इसके बाद 21 अगस्त को नाबालिग के खिलाफ अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज कर लिया गया.
परिवार को जब इस मामले की जानकारी मिली तो वे थाने पहुंचे और नाबालिग की जमानत करवाई. घर लौटने पर परिजनों ने उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान देखे.
इसके बाद परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया. शिकायतकर्ता पक्ष के अधिवक्ता परमवीर सोगरवाल ने बताया कि 26 अगस्त को अदालत में आवेदन दिया गया था. इसके बाद अदालत ने मथुरा गेट थाना प्रभारी हरलाल मीणा को तलब कर First Information Report दर्ज करने के निर्देश दिए.
अदालत के निर्देश पर Friday को सात Policeकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.
मथुरा गेट थाना प्रभारी हरलाल मीणा ने बताया कि First Information Report नाबालिग की बुआ की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है. मामले में नामजद आरोपियों में दशरथ, अंकित, सत्यवीर, हरिओम, अभिमन्यु, एएसआई शिवलाल और एक अन्य Police अधिकारी शामिल हैं.
मामले की जांच अटल बंध थाना के थाना प्रभारी हेमेंद्र चौधरी को सौंपी गई है.
Police का कहना है कि Policeकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है. मारपीट, कथित उगाही और देसी कट्टे की बरामदगी से जुड़े आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी.
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एएमटी/डीकेपी