
अयोध्या, 5 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश Government द्वारा भदोही जिले का नाम बदलकर पुनः ‘संत रविदास नगर’ करने के फैसले का संत समाज ने स्वागत किया है. संतों का कहना है कि यह निर्णय सनातन परंपरा और महापुरुषों के सम्मान का प्रतीक है.
आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने इस निर्णय को ऐतिहासिक और प्रशंसनीय बताया. उन्होंने कहा कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने बहुत ही उत्तम कार्य किया है. संत रविदास जी ने सनातन धर्म और समाज के लिए अतुलनीय योगदान दिया है. उनका जीवन समरसता और भक्ति का प्रतीक रहा है. यह बहुत ही सुंदर और स्वागत योग्य कदम है.
वहीं हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी राजू दास ने भी Chief Minister योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि Chief Minister योगी को साधुवाद, आभार और धन्यवाद है. उन्होंने कहा कि सीएम योगी स्वयं एक साधु और महात्मा हैं, इसलिए वे सनातन संस्कृति के उत्थान के लिए हमेशा कार्य करते हैं.
राजू दास ने कहा कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने लगातार प्रदेश में जीर्ण-शीर्ण पड़े मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया है, चाहे वह किसी भी सम्प्रदाय, मत, पंथ या परंपरा से जुड़ा हो. उन्होंने सनातन संस्कृति को बचाने और बढ़ाने का काम किया है. इसी सोच के तहत उन्होंने भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर किया है, जो नाम सनातन परंपरा के अनुरूप है. यह बहुत अच्छी बात है.
इस दौरान उन्होंने Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर भी टिप्पणी की. राजू दास ने कहा कि Samajwadi Party पर हिंदुओं को कभी भरोसा नहीं करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि Samajwadi Party हमेशा से सनातन संस्कृति, हिंदू और हिंदुत्व की विरोधी रही है.
उन्होंने अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यही वह अयोध्या है, जहां राम भक्तों के सीने गोलियों से छलनी कर दिए गए थे. आज उसी पार्टी के नेता किस मुंह से अयोध्या आना चाहते हैं, किस मुंह से साधु-संतों की शरण में आना चाहते हैं और किस मुंह से भागवत कथा में शामिल होना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि यह केवल Political प्रचार है और कुछ नहीं. भागवत कथा के नाम पर हिंदुओं को बरगलाने का प्रयास किया जा रहा है, यह आस्था के साथ छलावा है. ये लोग गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं और ऐसे लोगों से हिंदुओं और सनातनियों को सावधान रहने की जरूरत है.
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पीआईएम/वीसी