ब्लिंकिट ने गैर-आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के लिए लागू किया 2,500 रुपए शुल्क, इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी मुफ्त

New Delhi, 5 नवंबर . क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट ने Thursday को गैर-आपातकालीन (नॉन-इमरजेंसी) एम्बुलेंस बुकिंग के लिए 2,500 रुपए का एक समान शुल्क लागू करने की घोषणा की है. हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन चिकित्सा जरूरतों के लिए एम्बुलेंस सेवा पहले की तरह पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध रहेगी.
यह जानकारी साझा करते हुए इटरनल के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग एम्बुलेंस सेवा का इस्तेमाल नियमित चिकित्सा जरूरतों, डॉक्टर से परामर्श, सामान्य स्वास्थ्य जांच और अस्पताल से घर तक आने-जाने के लिए करने लगे थे, जबकि इन यात्राओं के लिए सामान्य परिवहन सेवाओं का उपयोग किया जा सकता था.
गोयल ने social media एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मैंने जोमैटो की शुरुआत सेवा भाव से की थी. ब्लिंकिट एम्बुलेंस आज उसी सेवा भाव का साकार स्वरूप है. पिछले दो वर्षों में ब्लिंकिट की एम्बुलेंस सेवा ने लगभग 42,000 मामलों में सहायता प्रदान की है. इनमें करीब 20,000 मामले वास्तविक आपातकालीन स्थितियों से जुड़े थे.”
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी ने अब तक इन सेवाओं के लिए किसी भी मरीज से कोई शुल्क नहीं लिया है और आपातकालीन सेवाओं को भविष्य में भी मुफ्त बनाए रखने की योजना है.
उन्होंने बताया कि मुफ्त सेवा होने के कारण बड़ी संख्या में बुकिंग नियमित और गैर-गंभीर जरूरतों के लिए होने लगी थीं, जिससे ऐसी अत्याधुनिक एम्बुलेंसें, जिनमें पैरामेडिक्स और जरूरी चिकित्सा उपकरण मौजूद होते हैं, कई बार उन लोगों के लिए उपलब्ध नहीं रह पाती थीं जिनकी जान तत्काल चिकित्सा सहायता पर निर्भर होती है.
इसी स्थिति को देखते हुए कंपनी ने नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत आपातकालीन चिकित्सा परिवहन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जबकि गैर-आपातकालीन उपयोग के लिए प्रति यात्रा 2,500 रुपए शुल्क लिया जाएगा. यह राशि यात्रा पूरी होने के बाद ली जाएगी.
गोयल ने आगे कहा कि यह शुल्क निजी एम्बुलेंस सेवाओं द्वारा आमतौर पर वसूली जाने वाली राशि के लगभग बराबर है. उन्होंने बताया कि इस सेवा से प्राप्त होने वाला धन इटरनल फाउंडेशन को जाएगा, जो इन एम्बुलेंसों का संचालन करती है. इससे भविष्य में एम्बुलेंस नेटवर्क का विस्तार करने में भी मदद मिलेगी.
कंपनी को उम्मीद है कि इस कदम से गैर-जरूरी उपयोग में उल्लेखनीय कमी आएगी और उसकी 10 मिनट एम्बुलेंस सेवा वास्तविक आपातकालीन स्थितियों के लिए अधिक उपलब्ध रह सकेगी.
दीपिंदर गोयल ने एक्स पोस्ट में कहा, “10 मिनट में पहुंचने वाली एम्बुलेंस सेवा ने अब तक कई लोगों की जान बचाई है और भविष्य में भी बचा सकती है. इसलिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि यह सुविधा उन मरीजों के लिए उपलब्ध रहे जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है.”
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डीबीपी


