ब्रिक्स 2026 ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को दिया नया दृष्टिकोण, रूस और भारत के नए एग्रीमेंट से द्विपक्षीय व्यापार मजबूत होगा: अर्थशास्त्री

New Delhi, 12 सितंबर . ब्रिक्स 2026 ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को नया दृष्टिकोण दिया है और द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 100 अरब डॉलर तक ले जाने के India और रूस के नए एग्रीमेंट से दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी मजबूत होगी. यह बयान अर्थशास्त्री राजीव साहू ने Saturday को दिया.

समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए साहू ने बताया कि India खाद्य उत्पादों, पेट्रोलियम उत्पादों और रिफाइनिंग जैसे कई क्षेत्रों में बहुत मजबूत है और वहीं, रूस डिफेंस और टेक्नोलॉजी एवं अन्य ऐसे क्षेत्रों में मजबूत है, जिसकी India को आवश्यकता है.

उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स ने रूस, India और चीन के बीच संबंधों को दिखाया है. यह तीनों देश साथ मिलकर डॉलर के प्रभुत्व वाले वैश्विक व्यापार को खिलाफ नई व्यवस्था बना सकते हैं. इससे तीनों देशों को फायदा होगा.

साहू ने कहा कि चीन के साथ सीमा को लेकर हमारा विवाद है, लेकिन President शी जिंगपिंग का India आना दोनों देशों के लिए सकारात्मक है और इससे पुराने विवादों को सुलझाने में काफी मदद मिलेगी.

ब्रिक्स 2026 के साइडलाइन में Prime Minister Narendra Modi और चीन के President शी जिनपिंग के बीच Saturday शाम को होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार और निवेश के मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.

2025-26 में चीन को India का निर्यात 36.62 प्रतिशत बढ़कर 19.47 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 14.25 अरब डॉलर था. हालांकि, आयात 16.03 प्रतिशत बढ़कर 131.63 अरब डॉलर हो गया, जो पहले 113.46 अरब डॉलर था. इसके चलते, चीन के साथ India का व्यापार घाटा 2024-25 के 99.21 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 112.16 अरब डॉलर हो गया.

2025-26 में चीन के साथ India का वस्तु व्यापार 18.31 प्रतिशत बढ़कर 151.10 अरब डॉलर हो गया. साथ ही, अब चीन ने अमेरिका को पीछे छोड़कर India का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनने का स्थान भी हासिल कर लिया है.

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में India का व्यापार घाटा भी लगातार बढ़ा है. यह 2023-24 में 83.2 अरब डॉलर, 2022-23 में 73.3 अरब डॉलर और 2021-22 में 44 अरब डॉलर था, जिससे दोनों देशों के बीच अधिक संतुलित और टिकाऊ व्यापार की दिशा में काम करने का मुद्दा सामने आता है.

एबीएस

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