
New Delhi, 13 सितंबर . 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सफल समापन हो गया. इस दौरान पीएम Narendra Modi ने विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और मानिंदों से मुलाकात की. ऐसी ही दो खास मुलाकातों का जिक्र उन्होंने किया. जो बुरुंडी के President एवरिस्ट नदायिशिमिये और कजाकिस्तान के President कासिम-जोमार्ट टोकायेव के साथ हुई.
Prime Minister ने एक्स पर लिखा, “ब्रिक्स समिट के दौरान बुरुंडी के President एवरिस्ट नदायिशिमिये से मिलकर खुशी हुई. मैंने अफ्रीकी संघ की अध्यक्षता संभालने पर बुरुंडी को बधाई दी. हमने विकास सहयोग, क्षमता निर्माण, युवाओं के कौशल विकास, और कृषि और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों में भारत-बुरुंडी संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की.”
वहीं, कजाकिस्तान के President से मिलने की खुशी जाहिर करते हुए कहा, ” President के तौर पर India की अपनी पहली यात्रा के दौरान President कासिम-जोमार्ट टोकायेव से मिलकर खुशी हुई. हमने भारत-कजाकिस्तान रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने पर बहुत सार्थक चर्चा की. हम व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक, कनेक्टिविटी और इनोवेशन में सहयोग को गहरा करने की अपार संभावनाएं देखते हैं, साथ ही अपने करीबी सांस्कृतिक और लोगों के बीच के संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं.”
कजाकिस्तान के President से मुलाकात को लेकर विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बयान भी जारी किया. एमईए के अनुसार, बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कजाकिस्तान के साथ India के प्राचीन सभ्यतागत संबंधों को याद किया और हाल के वर्षों में भारत-कजाकिस्तान संबंधों के निरंतर विकास पर संतोष व्यक्त किया.
विदेश मंत्रालय ने कहा, “दोनों नेताओं ने Political, व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, उभरती प्रौद्योगिकियों, रचनात्मक अर्थव्यवस्था और लोगों से लोगों के संबंधों सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की. उन्होंने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर दृष्टिकोण का भी आदान-प्रदान किया.”
India की अध्यक्षता में ब्रिक्स लीडर्स का दो दिवसीय ब्रिक्स शिकर सम्मेलन देश की राजधानी New Delhi में सम्पन्न हुआ. India के लिए कूटनीतिक दृष्टि से काफी कामयाब माना जा रहा है. सबसे अहम Saturday को समिट के दौरान New Delhi डेक्लरेशन को मिली मंजूरी रही. इसमें कई मुद्दों पर साझा बयान जारी किया गया. डेक्लरेशन में रूस और चीन समेत ब्रिक्स देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की. देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी.
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केआर/