
जालना, 13 सितंबर . मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर Maharashtra में तनाव बढ़ता जा रहा है. सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने Sunday को Mumbai Police द्वारा 19 सितंबर को आजाद मैदान में प्रस्तावित भूख हड़ताल की अनुमति नहीं दिए जाने पर राज्य Government पर तीखा हमला बोला.
जालना जिले के अंतरवाली सराटी में मीडिया से बातचीत करते हुए जरांगे पाटिल ने महायुति Government पर संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करने और राज्य में अस्थिरता पैदा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया.
Mumbai Police ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करते हुए 2025 के सार्वजनिक सभा, प्रदर्शन और जुलूस नियमों के संभावित उल्लंघन का हवाला दिया है. Police ने आजाद मैदान में पिछले प्रदर्शनों के दौरान निर्धारित शर्तों का कथित रूप से पालन नहीं किए जाने का भी उल्लेख किया है.
Police के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए जरांगे पाटिल ने सवाल उठाया कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही यह कैसे मान लिया गया कि प्रदर्शनकारी नियमों का उल्लंघन करेंगे. उन्होंने पूछा, “Government यह क्यों मान रही है कि हम प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही नियम तोड़ेंगे? यह Government किस कानून के तहत काम कर रही है?”
उन्होंने कहा, “हाईकोर्ट ने कहा है कि हमें Mumbai जाने से नहीं रोका जा सकता, फिर Police न्यायपालिका की भावना के खिलाफ कार्रवाई क्यों कर रही है? यह तानाशाही और मनमानी से कम नहीं है.”
आगामी त्योहारों के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए जरांगे पाटिल ने कहा कि इससे पहले भी गणेश चतुर्थी के दौरान उनके आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से हुए हैं और किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हुई.
उन्होंने कहा, “हम संविधान से बंधे हैं और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन Government के मनमाने निर्देशों के आगे नहीं झुकेंगे. Police आयुक्त के आदेश के खिलाफ आगे क्या कदम उठाना है, इसका फैसला हमारी कानूनी टीम करेगी.”
जरांगे पाटिल ने दोहराया कि अंतरवाली सराटी से उनकी Mumbai तक की पदयात्रा 15 सितंबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी.
Police की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने और राज्य नेतृत्व पर Political निशाना साधने का आरोप लगाते हुए उन्होंने तत्काल अपना चिकित्सा उपचार और तरल पदार्थ लेना बंद करने की घोषणा की.
उन्होंने कहा, “अगर प्रशासन अन्याय के जरिए हमारी आवाज दबाना चाहता है, तो मैं इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार हूं, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करूंगा.”
उन्होंने कहा कि 19 सितंबर की समयसीमा नजदीक आने के बीच उनकी कानूनी टीम आने वाले दिनों में Police विभाग के अनुमति से इनकार करने वाले आदेश को चुनौती दे सकती है.
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डीएससी