भारतीय पेटेंट कार्यालय के लोगो का बिना पूर्व अनुमति के इस्तेमाल प्रतिबंधित, डीपीआईआईटी ने जारी की सख्त चेतावनी

New Delhi, 13 सितंबर . उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने Sunday को स्पष्ट किया है कि भारतीय पेटेंट कार्यालय (आईपीओ) के आधिकारिक लोगो, प्रतीक चिह्न या उससे मिलते-जुलते डिजाइन का उपयोग बिना पूर्व लिखित अनुमति के नहीं किया जा सकता.

विभाग ने एक सार्वजनिक नोटिस में कहा है कि कोई भी व्यक्ति, व्यावसायिक संस्था, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ट्रेडमार्क या पेटेंट एजेंट तथा कानूनी सेवा प्रदाता भारतीय पेटेंट कार्यालय के आधिकारिक लोगो का प्रदर्शन, पुनरुत्पादन, अनुकूलन या उपयोग नहीं कर सकता, जब तक कि उसे सक्षम प्राधिकारी से औपचारिक स्वीकृति प्राप्त न हो.

पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क नियंत्रक महानियंत्रक कार्यालय (सीजीपीडीटीएम) ने कहा कि उसके संज्ञान में यह बात आई है कि कई व्यक्ति, एजेंसियां, कॉर्पोरेट संस्थाएं, ऑनलाइन लीगल-टेक प्लेटफॉर्म और कुछ अनधिकृत सेवा प्रदाता अपने वेबसाइटों, social media खातों, प्रचार सामग्री, स्टेशनरी और डिजिटल विज्ञापनों में भारतीय पेटेंट कार्यालय के आधिकारिक लोगो और प्रतीकों का उपयोग कर रहे हैं.

नोटिस में कहा गया कि भारतीय पेटेंट कार्यालय का लोगो India Government के एक वैधानिक संस्थान की आधिकारिक पहचान है, जो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत डीपीआईआईटी के अंतर्गत कार्य करता है. ऐसे में इसका अनधिकृत उपयोग लोगों के बीच यह गलत धारणा पैदा कर सकता है कि संबंधित संस्था या सेवा प्रदाता को Government की मान्यता या समर्थन प्राप्त है. इससे आवेदकों, हितधारकों और आम जनता के भ्रमित होने की आशंका रहती है.

डीपीआईआईटी ने स्पष्ट किया कि प्रिंट, डिजिटल मीडिया, social media, प्रायोजित विज्ञापनों या अन्य किसी माध्यम में आईपीओ का लोगो, ट्रेड ड्रेस या डीपीआईआईटी के प्रतीकों का उपयोग करने के लिए पहले सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है.

विभाग ने उन सभी संस्थाओं और व्यक्तियों को निर्देश दिया है जो वर्तमान में अपनी वेबसाइट, पोर्टल, विजिटिंग कार्ड, प्रचार बैनर, एप्लिकेशन इंटरफेस या अन्य सामग्री में आईपीओ का लोगो अथवा उससे मिलते-जुलते डिज़ाइन प्रदर्शित कर रहे हैं, वे उन्हें तुरंत हटा दें.

नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अनधिकृत उपयोग, गलत प्रस्तुतीकरण या आधिकारिक लोगो की नकल ‘द एम्ब्लेम्स एंड नेम्स (प्रिवेंशन ऑफ इम्प्रॉपर यूज) एक्ट, 1950’, ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999, कॉपीराइट एक्ट, 1957 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है.

डीपीआईआईटी ने यह भी कहा कि नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित पक्षों के खिलाफ दीवानी और आपराधिक कार्रवाई, प्रशासनिक प्रतिबंध तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों को रिपोर्ट किए जाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है.

साथ ही, सीजीपीडीटीएम ने आम जनता, स्टार्टअप्स और एमएसएमई को सलाह दी है कि वे बौद्धिक संपदा पंजीकरण सेवाएं प्रदान करने वाले संस्थानों की प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें और सभी आधिकारिक आवेदन, अपडेट तथा संचार के लिए केवल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट आईपीइंडिया डॉट गव डॉट इन (www.ipindia.gov.in) पोर्टल का ही उपयोग करें.

डीबीपी

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