बीएलएमएसएचसीएस घोटाला: ईडी की छापेमारी में 103 करोड़ की संपत्ति जब्त, संस्थापक आर. प्रेमकुमार के खिलाफ जांच तेज

कोच्चि, 5 नवंबर . Enforcement Directorate (ईडी) ने India लझना मल्टी-स्टेट हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (बीएलएमएसएचसीएस) और इसके संस्थापक आर. प्रेमकुमार से जुड़े कथित धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 103 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां जब्त और फ्रीज की हैं.
ईडी के कोच्चि जोनल कार्यालय ने 4 नवंबर को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत केरल और तमिलनाडु में कुल 12 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई एर्नाकुलम, कोझिकोड, त्रिशूर, तिरुवनंतपुरम, मुन्नार और चेन्नई में की गई.
ईडी की जांच के अनुसार, आर. प्रेमकुमार पर बीएलएमएसएचसीएस में जमा जनता के धन का कथित रूप से दुरुपयोग कर अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां खरीदने का आरोप है.
यह जांच केरल Police द्वारा दर्ज First Information Report के आधार पर शुरू की गई थी. First Information Report में आरोप लगाया गया है कि सोसाइटी के संस्थापक सदस्य और वास्तविक सीएमडी आर. प्रेमकुमार ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जमाकर्ताओं से एकत्र किए गए करोड़ों रुपए परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किए और उनसे संपत्तियां खरीदीं.
जांच एजेंसियों के अनुसार, सोसाइटी की संपत्तियों को गिरवी रखकर भी ऋण लिया गया और उस धन का इस्तेमाल निजी लाभ तथा परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां खरीदने में किया गया. First Information Report के मुताबिक, अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) करीब 80 करोड़ रुपए आंकी गई थी.
ईडी की जांच में सामने आया है कि आर. प्रेमकुमार और उनके सहयोगियों द्वारा करीब 320 बैंक खातों का संचालन किया जा रहा था. इन खातों के जरिए धन के स्रोत को छिपाने के लिए रकम को विभिन्न स्तरों पर स्थानांतरित किया गया.
जांच में यह भी सामने आया कि बीएलएमएसएचसीएस के सार्वजनिक धन का उपयोग व्यक्तिगत लाभ और परिवार से जुड़े व्यक्तियों या संस्थाओं के नाम पर चल और अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया.
ईडी ने कहा कि बैंक खातों की जांच से संकेत मिलता है कि सोसाइटी के धन का दुरुपयोग सैकड़ों करोड़ रुपए तक हो सकता है. इसकी वास्तविक राशि का निर्धारण अभी किया जा रहा है.
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को यह भी पता चला कि आर. प्रेमकुमार अब भी सक्रिय रूप से सोसाइटी के कामकाज को नियंत्रित कर रहे थे और कई वैधानिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कर रहे थे.
कार्रवाई के दौरान ईडी ने लगभग 7 करोड़ रुपए मूल्य की आठ लग्जरी कारें जब्त की हैं. इनमें पोर्शे, रोल्स रॉयस, टोयोटा वेलफायर, महिंद्रा ईवी 9ई और मर्सिडीज जैसी महंगी गाड़ियां शामिल हैं.
इसके अलावा 7,400 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत लगभग 9.6 करोड़ रुपए आंकी गई है, भी जब्त किए गए हैं.
ईडी ने करीब 80 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर, 5 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां और 1.86 करोड़ रुपए की बैंक जमा राशि भी फ्रीज या जब्त की है.
एजेंसी के अनुसार, जब्त और फ्रीज की गई कुल संपत्तियों का मूल्य लगभग 103 करोड़ रुपए है.
ईडी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है और धनशोधन के नेटवर्क तथा धन के अंतिम उपयोग की पड़ताल की जा रही है.
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एएमटी/डीकेपी


