बिहार में बाढ़ प्रभावित 8.27 लाख परिवारों के खातों में 579 करोड़ रुपए की राहत राशि भेजी गई

Patna, 15 सितंबर . बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने Tuesday को बाढ़ प्रभावित 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 579.23 करोड़ रुपए की आनुग्रहिक राहत राशि अंतरित करने की प्रक्रिया शुरू की. प्रत्येक प्रभावित परिवार को 7 हजार रुपए की सहायता दी गई है.

Chief Minister ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र प्रभावित परिवार Governmentी राहत से वंचित न रहे और यदि कोई परिवार सूची से छूट गया है तो उसे एक सप्ताह के भीतर राहत सूची में शामिल किया जाए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ की चुनौतीपूर्ण स्थिति में राज्य Government की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराना है. Government पूरी संवेदनशीलता के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी.

उन्होंने बताया कि राज्य के 15 जिले, 88 प्रखंड, 575 ग्राम पंचायत और 2,642 गांव तथा 21 शहरों के 136 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. इससे करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि लगभग 55 हजार हेक्टेयर भूमि पर बाढ़ का असर पड़ा है. बाढ़ के कारण फसलों को भी नुकसान पहुंचा है. Chief Minister ने कहा कि प्रभावित लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं. इन रसोइयों के माध्यम से अब तक करीब 1.28 करोड़ थालियां परोसी जा चुकी हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, दवा और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता लगातार सुनिश्चित की जाए.

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 21 टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. Chief Minister ने कहा कि जब तक बाढ़ की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक राहत और सहायता का काम लगातार जारी रहेगा. Chief Minister ने अधिकारियों को राहत वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए. यदि कोई पात्र प्रभावित परिवार राहत से छूट गया है तो उसे एक सप्ताह के भीतर सूची में शामिल किया जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार Governmentी सहायता से वंचित न रहे.

Chief Minister ने कहा कि राहत कार्यों के साथ पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए. उन्होंने ‘ब्यूल्ड बैक बेटर देन बिफोर’ यानी पहले से बेहतर पुनर्निर्माण की थीम पर काम करने का निर्देश दिया. Chief Minister ने सभी पुनर्प्राप्ति कार्य एक माह के भीतर पूरा करने को कहा. उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ आकलन करने का निर्देश दिया.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के Wednesday को प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर Chief Minister ने अधिकारियों से क्षति का समुचित और तथ्यपरक आकलन कर रिपोर्ट तैयार रखने को कहा. उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का दस्तावेजीकरण करने और आवश्यक सहायता एवं पुनर्प्राप्ति कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. Chief Minister ने कहा कि राज्य Government का उद्देश्य केवल तत्काल राहत देना नहीं, बल्कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को शीघ्र सामान्य स्थिति में लाना और पहले से बेहतर तरीके से पुनर्निर्माण सुनिश्चित करना है. इसके लिए Government, प्रशासन, आपदा प्रबंधन तंत्र और सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से काम कर रहे हैं.

कार्यक्रम में उप Chief Minister विजय कुमार चौधरी, उप Chief Minister बिजेंद्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा सहित मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, Police महानिदेशक विनय कुमार और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

एमएनपी/डीकेपी

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