
Patna, 9 अक्टूबर . Friday को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के शाहबाजपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में बिजली का झटका लगने से दो छात्राएं झुलस गईं.
यह घटना दोपहर के भोजन के अवकाश के दौरान हुई जब छात्राएं स्कूल की छत पर गई थीं, जहां से 11,000 वोल्ट की बिजली की लाइन गुजरती है.
घायल छात्राओं में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है.
घायल छात्राओं को इलाज के लिए श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसकेएमसीएच) में भर्ती कराया गया है.
घायल छात्राओं में से एक नेहा के अनुसार, वह दोपहर के भोजन के अवकाश के दौरान अन्य छात्राओं के साथ छत पर खाना खाने गई थी.
वहां उसने छत के पास एक दीवार को छुआ और गिरने से पहले उसे तेज बिजली का झटका लगा.
एक अन्य छात्रा भी चीखने लगी. बताया जाता है कि श्रुति नाम की एक छात्रा ने साहस दिखाते हुए घायल छात्राओं को नीचे उतारने में मदद की.
इस घटना से स्कूल परिसर में दहशत फैल गई और कई छात्र डर के मारे परिसर छोड़कर चले गए.
इस दुर्घटना ने विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्कूल भवन के पास मौजूद उच्च वोल्टेज बिजली लाइन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं.
स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रबंधन पर तुरंत कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया है.
प्रत्यक्षदर्शी वैभव कुमार ने बताया कि एक छात्रा के हाथ और पैर बुरी तरह जल गए थे.
उन्होंने आरोप लगाया कि घायल विद्यार्थियों को अस्पताल ले जाने के लिए स्कूल का गेट समय पर नहीं खोला गया.
वैभव के अनुसार, स्कूल परिसर में एक वाहन उपलब्ध था, लेकिन घायल विद्यार्थियों को ले जाने के लिए उसे उपलब्ध नहीं कराया गया.
इसके बाद स्थानीय लोगों ने एक ऑटो-रिक्शा का इंतजाम किया और छात्राओं को एसकेएमसीएच अस्पताल पहुंचाया.
इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है, जबकि स्कूल प्रबंधन ने अभी तक आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है.
घायल विद्यार्थियों की संख्या को लेकर विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं.
एक स्कूल शिक्षक ने बताया कि दो विद्यार्थी घायल हुए थे, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और घायल विद्यार्थियों के कथनों से पता चलता है कि तीन छात्राओं को जलने की चोटें आई थीं.
इस घटना के बाद दुर्घटना के कारणों, विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्थाओं और बिजली की उच्च तीव्रता वाली लाइन की मौजूदगी की जांच की मांग उठ रही है.
घटना के कारण का स्पष्टीकरण देने और जिम्मेदारी तय करने वाले आधिकारिक बयानों का इंतजार है.
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एमएस/