बिहार : एसआईआर के विरोध में महागठबंधन का राजभवन मार्च, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

Patna, 8 अक्टूबर . बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर महागठबंधन ने Thursday को Patna में विरोध मार्च किया. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने Patna में राजभवन की ओर मार्च किया. मार्च में विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, राजद सांसद मीसा भारती और वाम दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए.

महागठबंधन ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. मार्च के दौरान Police ने सुरक्षा के मद्देनजर कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी. प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में Police बल की तैनाती की गई थी.

महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसआईआर तथा चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की. कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और Police के बीच तनातनी की स्थिति भी बनी. राजभवन पहुंचने के बाद महागठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने Governor से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रखी.

विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का समाधान किया जाना चाहिए. राजभवन से बाहर निकलने के बाद वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि महागठबंधन ने एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर Governor को ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया गया और ‘वोट चोरी’ के जरिए चुनाव को प्रभावित किया गया. मुकेश सहनी ने कहा कि महागठबंधन की मांग है कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें.

पाटलिपुत्र से राजद सांसद मीसा भारती ने भी Government पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई थी और चप्पे-चप्पे पर Police प्रशासन के जवान तैनात थे. उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन ने शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालने की अनुमति मांगी थी.

वहीं, विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर एसडीपीओ सचिवालय अनु कुमारी ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल को Governor भवन में Governor से मिलने की अनुमति दी गई थी. बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल वहां से चला गया, जबकि बाकी लोगों को बैरिकेड के पीछे रोक दिया गया था. महागठबंधन की ओर से एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध कार्यक्रम पहले भी आयोजित किए गए हैं. विपक्षी दलों ने इसे चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराने का माध्यम बताया है.

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एमएनपी/एसके

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