बांग्लादेश: 16 दिनों में 6 मदरसों में बच्चों के यौन उत्पीड़न के मामले, देशभर में आक्रोश

ढाका, 29 अक्टूबर . बांग्लादेश में बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के बीच पिछले 16 दिनों में छह मदरसों में कथित दुष्कर्म, दुष्कर्म के प्रयास और यौन उत्पीड़न के मामलों ने व्यापक जनाक्रोश पैदा कर दिया है.
रिपोर्ट के अनुसार, इन घटनाओं के बाद कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए, आरोपित शिक्षकों पर हमले किए गए, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं.
8 अक्टूबर से 23 अक्टूबर के बीच गाजीपुर, ढाका के सावर, कुस्टिया और पाबना समेत कई इलाकों से सामने आए इन मामलों में सात वर्ष तक के बच्चे भी शामिल हैं. पीड़ितों में लड़के और लड़कियां दोनों हैं. आरोप है कि कई बच्चों को घटना के बारे में किसी को न बताने के लिए धमकाया गया था.
मानवाधिकार संगठनों ने मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उनका कहना है कि केवल विरोध प्रदर्शन पर्याप्त नहीं हैं. बच्चों की सुरक्षा के लिए निगरानी तंत्र मजबूत किया जाना चाहिए और प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में यौन उत्पीड़न रोकथाम समितियां गठित की जानी चाहिए.
बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, गाजीपुर के गाछा इलाके स्थित दारुल हेदायाह कौमी मदरसा में शिक्षक एमडी ओलिउल्लाह इस्लाम (23) पर आरोप है कि उसने एक आठ वर्षीय छात्रावासी छात्र के साथ 10, 11 और 12 अक्टूबर की रात को लगातार दुष्कर्म किया और उसे चुप रहने की धमकी दी.
बताया गया है कि बच्चे ने 13 अक्टूबर को अपनी मां को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला दर्ज कराया गया. Police ने 22 अक्टूबर को ओलिउल्लाह और मदरसा प्रबंधन समिति के सदस्य मोहम्मद मिजान (38) को गिरफ्तार कर लिया. अगले दिन दोनों को जेल भेज दिया गया, जबकि एक अन्य आरोपी एमडी अब्दुल कुद्दूस शेख (45) अभी भी फरार बताया जा रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, टोंगी स्थित कारीउल कुरान इंटरनेशनल मदरसा के शिक्षक मोसलेम अहमद (30) पर 19 अक्टूबर को पहली कक्षा में पढ़ने वाली सात वर्षीय बच्ची के यौन उत्पीड़न का आरोप है.
पीड़िता के परिवार का दावा है कि बच्ची को घटना के बारे में किसी को बताने पर मारपीट की धमकी दी गई थी. इसी डर से वह तीन दिन तक स्कूल नहीं गई और बाद में उसने अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी.
एक अन्य मामले में सावर के एक मदरसे के संचालक और प्रधान शिक्षक अब्दुल बारी (50) पर 21 अक्टूबर को 13 वर्षीय छात्रावासी छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी ने छात्रा को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी.
बांग्लादेश के धार्मिक मामलों के मंत्री काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद ने इन घटनाओं को ‘बेहद दुखद और शर्मनाक’ बताया है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
ढाका स्थित मानवाधिकार संगठन मानुषेर जोन्नो फाउंडेशन ने मदरसों में बच्चों की सुरक्षा के लिए और कड़े कदम उठाने की मांग की है.
संगठन ने निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और सभी शैक्षणिक संस्थानों में प्रभावी यौन उत्पीड़न रोकथाम समितियों के गठन की मांग की है.
मानुषेर जोन्नो फाउंडेशन ने चेतावनी दी कि वास्तविक मामलों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि डर, सामाजिक कलंक और दबाव के कारण कई बच्चे शिकायत दर्ज नहीं कराते.
मानुषेर जोन्नो फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक शाहीन अनाम ने कहा, “किसी भी बच्चे को उन लोगों से डरना नहीं चाहिए जो उसकी देखभाल और शिक्षा के लिए जिम्मेदार हैं. जब कोई बच्चा उत्पीड़न की शिकायत करता है, तो हमें उसकी बात सुननी चाहिए, तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.”
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे ऐसे मामलों में खुलकर सामने आएं और भरोसा रखें कि बच्चों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
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एएमटी/डीकेपी


