बांग्लादेश के पुलिस प्रमुख के ‘क्रॉसफायर’ बयान पर विवाद, मानवाधिकार संगठनों की स्पष्टीकरण और माफी की मांग

ढाका, 27 अक्टूबर . बांग्लादेश के शीर्ष Police अधिकारी का कहना है कि यदि परिस्थितियां ऐसी हों और Government अनुमति दे, तो कानून-प्रवर्तन कर्मी ‘क्रॉसफायर’ का सहारा ले सकते हैं. यह टिप्पणी Police महानिरीक्षक (आईजीपी) मोहम्मद अली हुसैन फकीर ने Monday दोपहर ढाका में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए की.
बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र द डेली स्टार ने उनके हवाले से कहा, “जहां भी गोलीबारी जरूरी होगी, अगर Government इसकी इजाजत देगी, तो हम ऐसा करेंगे.”
इन टिप्पणियों की कई हलकों से कड़ी आलोचना हुई, जिससे बांग्लादेश में गैर-न्यायिक हत्याओं के सामान्यीकरण और संवैधानिक सुरक्षा उपायों तथा कानून के शासन के हनन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं.
भ्रष्टाचार विरोधी संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश (टीआईबी) ने इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए Government से आग्रह किया कि वह आईजीपी से औपचारिक स्पष्टीकरण मांगे, यह सुनिश्चित करे कि वे अपना बयान वापस लें और बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगें और उन्हें प्रशासनिक रूप से जवाबदेह ठहराए.
संगठन ने जवाबदेही तय होने तक उन्हें पद से हटाने की भी मांग की.
डेली स्टार ने टीआईबी के कार्यकारी निदेशक इफ्तेखारुज्जमान के हवाले से कहा, “क्या Police प्रमुख कानून-व्यवस्था बनाए रखने में Police की विफलता को छिपाने के लिए क्रॉसफायर की बदनाम प्रथा का इस्तेमाल ढाल के रूप में करना चाहते हैं? क्या Governmentी मंजूरी पर निर्भर करके गैर-न्यायिक हत्याओं को वैध ठहराने का प्रयास करना, कानूनी तरीकों से अपराध से निपटने में विफलता की स्वीकारोक्ति है?”
उन्होंने कहा कि Police पेशेवर जांच करने, अपराधियों की पहचान करने और मान्य सबूतों के आधार पर आरोपियों को मुकदमे में लाने के लिए जिम्मेदार है. गोलीबारी को विकल्प के रूप में पेश करने से संस्थागत कमजोरियों का समाधान नहीं हो सकता, बल्कि यह पेशेवर दिवालियापन का उदाहरण है.
उन्होंने आगे बताया कि आईजीपी ने अपने उसी बयान में कानून और संविधान के अनुसार कर्तव्यों का निर्वहन करने की बात कही थी, वहीं यह भी कहा था कि अगर Government मंजूरी देती है तो Police गोलीबारी का सहारा लेगी.
इन दोनों बयानों को विरोधाभासी बताते हुए इफ्तेखारुज्जमान ने कहा, “Government की मंजूरी से किसी भी गैर-न्यायिक हत्या को वैधता नहीं मिल सकती. संविधान के अनुच्छेद 31 और 32 के तहत गारंटीकृत कानूनी सुरक्षा और जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकारों को कार्यपालिका के फैसलों से दरकिनार नहीं किया जा सकता. आरोप की गंभीरता चाहे जो भी हो, Police को उचित प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए किसी को भी मारने का कोई अधिकार नहीं है.”
इस बीच, बांग्लादेश की अवामी लीग ने इन टिप्पणियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि देश के सर्वोच्च Police अधिकारी के ऐसे बयान मानवाधिकारों, संवैधानिक सुरक्षा उपायों और कानून के शासन के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा करते हैं.
इसमें आगे कहा गया, “Government की अनुमति से किसी भी गैर-न्यायिक हत्या को वैध नहीं ठहराया जा सकता. जीवन का अधिकार, उचित कानूनी प्रक्रिया और कानून के तहत समान संरक्षण प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षित होना चाहिए, चाहे उसकी Political संबद्धता कुछ भी हो या उस पर कोई भी आरोप लगा हो.”
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एएसएच/एबीएम


