प्रधानमंत्री मोदी ने आईटीबीपी के 65वें स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जवानों को दी बधाई

New Delhi, 24 अक्टूबर . भारत-तिब्बत सीमा Police (आईटीबीपी) के 65वें स्थापना दिवस के अवसर पर Prime Minister Narendra Modi की ओर से बल के सभी अफसरों और जवानों को बधाई दी गई है. पीएम ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जवानों को बधाई दी है.
Prime Minister की ओर से एक्स पर पोस्ट में लिखा गया, “आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर बल के सभी जवानों को बधाई. आईटीबीपी के ‘हिमवीरों’ ने अपने असाधारण साहस से खुद को साबित किया है. उन्होंने हमेशा अद्भुत दृढ़ संकल्प के साथ हर चुनौती का सामना किया है. उनकी निस्वार्थ सेवा और बलिदान देश के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है.”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “आईटीबीपी स्थापना दिवस पर, मैं आईटीबीपी के सभी जवानों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई देता हूं. आईटीबीपी के ‘हिमवीरों’ ने अत्यंत कठिन जलवायु परिस्थितियों में India की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने आंतरिक सुरक्षा अभियानों में भी अहम योगदान दिया है, जिसमें वामपंथी उग्रवाद से निपटने के प्रयास भी शामिल हैं. उनका साहस, पेशेवर रवैया और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण, राष्ट्र सेवा की सर्वोत्तम परंपराओं को दर्शाता है.”
Union Minister किरेन रिजिजू की ओर से social media पर लिखा गया, “‘शौर्य-दृढ़ता-कर्मनिष्ठा’ आईटीबीपी स्थापना दिवस के अवसर पर, मैं आईटीबीपी के हिमवीरों को हार्दिक बधाई देता हूं. कठिन परिस्थितियों में हमारी सीमाओं की रक्षा करने में आपका अदम्य साहस और दृढ़ता प्रेरणादायक है. आपके त्याग और देशभक्ति की भावना को नमन.”
भारतीय सेना की ओर से social media पर लिखा गया, “थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ और भारतीय सेना के सभी रैंक के कर्मियों की ओर से, भारत-तिब्बत सीमा Police (आईटीबीपी) के 65वें स्थापना दिवस के अवसर पर, आईटीबीपी के सभी कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.”
केंद्रीय रिजर्व Police बल (सीआरपीएफ) ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “आईटीबीपी स्थापना दिवस के महत्वपूर्ण अवसर पर, डीजी जीपी सिंह और सीआरपीएफ के सभी रैंक के कर्मी, आईटीबीपी के सभी जवानों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई देते हैं. हम हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाले ‘हिमवीरों’ की वीरता, निस्वार्थ बलिदान और गौरवशाली विरासत को नमन करते हैं.”
बता दें कि आईटीबीपी देश का एक प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र Police बल है. भारत-चीन युद्ध के बाद 24 अक्टूबर 1962 को इसकी स्थापना की गई थी. यह लद्दाख के काराकोरम दर्रे से लेकर अरुणाचल प्रदेश के जाचेप ला (3,488 किलोमीटर) तक भारत-चीन सीमा की रक्षा करती है. आईटीबीपी गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है. सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और तस्करी रोकना, उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बचाव अभियान और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी आईटीबीपी के कंधों पर है.
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