पुनीत केरेहल्ली की गिरफ्तारी पर ईश्वर सिंह ठाकुर ने उठाए सवाल, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

बीदर, 29 सितंबर . भाजपा नेता ईश्वर सिंह ठाकुर ने हिंदू कार्यकर्ता पुनीत केरेहल्ली के खिलाफ की गई कार्रवाई को अनुचित बताते हुए केंद्र Government और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में हिंदुत्व, गौ रक्षा और सनातन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है.

ईश्वर सिंह ठाकुर ने कहा कि पुनीत केरेहल्ली ने अपना जीवन समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित किया है. पुनीत ने गौ रक्षा के क्षेत्र में काम किया और कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने जैसे कार्य भी किए. उन्होंने यह भी दावा किया कि मांस के नाम पर गलत सामग्री भेजे जाने के खिलाफ पुनीत ने कार्रवाई की थी. ठाकुर ने आरोप लगाया कि Bengaluru में एक जुलूस का मार्ग बदलकर राष्ट्र रक्षणा के जिला कार्यालय के पास लाया गया, जहां कथित तौर पर धांधली और हमला हुआ. घटना के बाद Police ने पुनीत के खिलाफ ही मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया, जबकि उनके अनुसार यह मामला आत्मरक्षा से जुड़ा था.

भाजपा नेता ने कहा कि पुनीत के खिलाफ मामला दर्ज हुए करीब 30 दिन हो चुके हैं और वह जेल में हैं. पुनीत पिछले 17 दिनों से अनशन पर हैं और उनका उद्देश्य केवल अपने लिए न्याय पाना नहीं, बल्कि कर्नाटक में हिंदू समाज, सनातन और राष्ट्र के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं के लिए न्याय की मांग करना है. ईश्वर सिंह ठाकुर ने केंद्र Government से मामले का संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा कि कर्नाटक में जिस तरह की कार्रवाई हो रही है, उस पर केंद्र को विचार करना चाहिए और राज्य Government को इसे रोकने के निर्देश देने चाहिए.

उन्होंने कर्नाटक के नेताओं और हिंदू संगठनों से भी पुनीत के मामले में आवाज उठाने की अपील की. ठाकुर ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं पर मामले दर्ज किए गए हैं और जो जेल में हैं, उनके मुद्दे को Government के सामने रखा जाना चाहिए. मुकदमों के जरिए राष्ट्र और संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को पीछे नहीं हटाया जा सकता.

ईश्वर सिंह ठाकुर ने तेलंगाना के Chief Minister रेवंत रेड्डी के भगवान राम और महादेव को लेकर कथित तुलना पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि भगवान का तुलना करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है. उन्होंने कहा कि भगवान सभी के आराध्य हैं और उनके बीच अमीर-गरीब के आधार पर तुलना नहीं की जानी चाहिए. ठाकुर ने भगवान राम और शबरी का उदाहरण देते हुए कहा कि राम ने शबरी के बेर खाए थे. वहीं, उन्होंने महादेव के समुद्र मंथन से जुड़े प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि विष धारण करने के कारण उन्हें विषकंठ और नीलकंठ कहा जाता है.

ठाकुर ने आगे कहा कि Chief Minister जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बयानों को पूरे देश की जनता देखती है. किसी भी व्यक्ति की आस्था और सनातन परंपरा को चोट पहुंचाने वाले बयान देने से बचना चाहिए. सभी देवी-देवता सनातन परंपरा के आराध्य हैं और उनकी तुलना करना उचित नहीं है.

–

पीएसके

Leave a Comment