
Mumbai , 18 सितंबर . भाजपा विधायक राम कदम ने India की 7.8 फीसदी जीडीपी वृद्धि, स्वरा की टिप्पणी, मोहन भागवत की उज्जैन यात्रा, मराठा आरक्षण और दिशा सालियान मामले पर प्रतिक्रियाएं दी.
India की 7.8 फीसदी जीडीपी वृद्धि पर भाजपा विधायक राम कदम ने से बातचीत में कहा, “Prime Minister Narendra Modi शायद दुनिया की इकलौती ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने अपने 25 साल के Political सफर में अपनी निजी जिंदगी के लिए एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली. उनकी पहचान लगातार सेवा, समर्पण और देश की तरक्की के संकल्प से बनी है, जिसमें वे दिन में 20 घंटे काम करते हैं. उन्हीं की वजह से, 2014 के बाद हमारा देश चौथी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बन गया है और बहुत जल्द हम दुनिया की नंबर एक आर्थिक महाशक्ति बन जाएंगे. देश के सभी नागरिकों के लिए पीएम मोदी का जन्मदिन ऐसे मनाया जाता है, जैसे घर के ही किसी सदस्य का जन्मदिन हो. पूरे देश में अपनापन और जुड़ाव का ऐसा एहसास पहले कभी नहीं देखा गया.”
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उज्जैन दौरे पर राम कदम ने कहा, “संघ प्रमुख सभी से बातचीत करते हैं. आरएसएस इस तरह से जुड़ा हुआ है कि छात्रों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक, सभी से बातचीत करना और उनकी चिंताओं को समझना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. यह उसी प्रक्रिया का एक चरण है.”
राम जन्मभूमि फैसले के बाद एक्ट्रेस स्वरा के दूसरे एक्टर्स को मैसेज करने पर राम कदम ने कहा, “देश में कुछ लोग सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए बेतुके बयान देते हैं. ऐसे लोगों को अहमियत नहीं दी जानी चाहिए. इस तरह के बयान सिर्फ खबरों में बने रहने के लिए दिए जाते हैं.”
दिशा सालियन के पिता द्वारा शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजे जाने पर राम कदम ने कहा, “आदित्य ठाकरे को यह बात कहने में साढ़े छह साल लग गए, क्योंकि उनका दावा है कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है. अगर हम मान भी लें कि उनका कोई संबंध नहीं है, तो डर किस बात का था? सही तरीके से जांच क्यों नहीं की गई? ये सभी सवाल उन्हें शक के घेरे में लाते हैं. जब दिशा के पिता ने बार-बार यह मांग की कि मामला सीबीआई को सौंपा जाए, तो ऐसा क्यों नहीं किया गया? इसके पीछे क्या वजह थी? वे इन सभी बातों से इनकार नहीं कर सकते.”
मराठा आरक्षण के मामले में ओबीसी कोटे को लेकर कांग्रेस की चिंताओं पर विधायक ने कहा, “ऐसा कुछ नहीं है. Maharashtra के मराठा समुदाय को पता है कि देवेंद्र फडणवीस ने ही सबसे पहले आरक्षण दिया था. 13 में से 12 मांगें मजूर की है.”
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ओपी/एएस