निठारी कांड में बरी हुए सुरेंद्र कोली का शव बरामद, चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला

हरिद्वार, 18 सितंबर . निठारी हत्याकांड के मामले में Supreme Court से बरी हुए सुरेंद्र कोली का शव हरिद्वार में अपनी चाय की दुकान से बरामद किया गया. उसके गले में फंदा पड़ा था. घटना भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड स्थित लालमाता मंदिर के सामने की बताई जा रही है.

कोली पिछले कुछ दिनों से यहां चाय बेचने का काम कर रहा था. चाय की दुकान में रस्सी के सहारे उसका शव लटका मिला. सूचना मिलते ही सप्तऋषि Police चौकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. Police के मुताबिक सुरेंद्र अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के ग्राम मंगरुखाल का रहने वाला था. Police ने उसके परिजनों को सूचना दे दी है और घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

Supreme Court ने 11 नवंबर 2025 को निठारी हत्याकांड के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सुरेंद्र कोली को रिहा करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि कोली पर लगाए गए सभी आरोपों से उसे बरी किया जाता है और उसकी सभी सजाएं रद्द की जाती हैं.

जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने 2011 के पुनर्विचार फैसले को वापस लेते हुए कहा था कि Supreme Court की अपील स्वीकार की जाती है और इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया जाता है. कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि सुरेंद्र कोली को तत्काल रिहा किया जाए.

वर्ष 2006 में निठारी हत्याकांड से पूरा देश दहल गया था. नोएडा के निठारी में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल बरामद हुए थे. इस वारदात ने Police और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया था.

मामले में पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था. Police ने आरोप लगाया था कि कोली बच्चों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर लाता था, उनके साथ दुष्कर्म करता और फिर हत्या कर शवों को नाले में फेंक देता था. मामला सामने आने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था. जांच सीबीआई को सौंपी गई, जिसने कई मामलों में चार्जशीट दाखिल की थी.

कोली पर 13 मामलों में आरोप लगाए गए थे, जबकि पंढेर का कुछ मामलों में सहआरोपी के रूप में नाम आया था. समय के साथ अदालतों ने सुनवाई की और कोली को 12 मामलों में बरी कर दिया गया था, लेकिन एक मामले में 2011 में Supreme Court ने उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी. 11 नवंबर 2025 को Supreme Court ने उस पुराने फैसले को पलटते हुए कहा था कि कोली के खिलाफ सबूत पर्याप्त नहीं हैं और जांच में गंभीर खामियां रही हैं. इसलिए न्याय के हित में उसे बरी किया जाता है.

एसडी/वीसी

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