
New Delhi, 18 सितंबर . 31 साल के दिल्ली के एक युवक की गुरुग्राम में हत्या कर दी गई. युवक अपनी शादी के लिए खरीदारी करने के बाद अपनी पूर्व सहयोगी से मिलने गुरुग्राम गया था.
एक पड़ोसी ने कहा, “मैं अभी ज्यादा कुछ नहीं कह सकती क्योंकि मुझे पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन जो कुछ भी हुआ, वह बहुत दुखद है. हम यहां पिछले 30 सालों से रह रहे हैं और परिवार और उस लड़के को जानते हैं. वह बहुत अच्छा लड़का था. जो हुआ, उसे देखकर परिवार और हम सभी बहुत दुखी हैं. यकीन नहीं होता कि ऐसा कैसे हो गया.”
युवराज के पिता के दोस्त ने से कहा, “आजकल के बच्चे ऐसा कर रहे हैं, यह बहुत दुखद है. युवराज की दो बहन हैं. युवराज बहुत संस्कारी बच्चा था. मैं उसे पिछले 15 सालों से जानता हूं, उसने मुझसे बोला था कि वह शादी करने वाला है.”
Police के मुताबिक, हत्या उसकी पूर्व सहयोगी और उसके पार्टनर ने पैसों के विवाद के चलते की और शव को नाले में फेंक दिया. मृतक की पहचान युवराज सिंह मनचंदा के रूप में हुई है. उसकी शादी इसी साल अक्टूबर में होने वाली थी.
6 सितंबर को युवराज अपनी बहनों के साथ लाजपत नगर मार्केट में शादी की खरीदारी करने गया था. दोपहर 4:15 बजे परिवार गोल्डन ड्रैगन रेस्टोरेंट में खाना खाने रुका. कुछ देर बाद युवराज ने अपनी बहनों से कहा कि उसे गुरुग्राम में अपनी पूर्व सहयोगी से जरूरी मीटिंग के लिए जाना है और वह रेस्टोरेंट से निकल गया. उसकी बहनें बाद में कैब से घर लौट आईं.
परिवार के मुताबिक शाम 7 बजे युवराज ने फोन पर बात की और कहा कि वह रात 10 बजे तक घर आ जाएगा. लेकिन वह वापस नहीं आया. परिवार ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई.
8 सितंबर को शाम 4:16 बजे परिवार को युवराज के नंबर से आखिरी व्हाट्सऐप मैसेज मिला. इसके थोड़ी देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया.
संपर्क न हो पाने पर परिवार ने 11 सितंबर को लाजपत नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. परिवार ने आरोप लगाया है कि गुरुग्राम Police ने 10 सितंबर को ही युवराज का शव बरामद कर लिया था लेकिन उन्हें जानकारी नहीं दी. परिवार का कहना है कि अज्ञात शवों की जानकारी के लिए बने Governmentी प्लेटफॉर्म जेडआईपीएनईटी (जोनल इंटीग्रेटेड Police नेटवर्क) पर भी तय समय के अंदर शव की जानकारी अपलोड नहीं की गई.
परिवार के मुताबिक, 14 सितंबर को अधिकारियों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया जबकि उन्हें उसकी मौत की सूचना दो दिन बाद दी गई. नियम के अनुसार, अगर तय समय तक पहचान स्थापित करने की कोशिशें नाकाम रहती हैं, तो अधिकारी अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर सकते हैं.
युवराज के परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जांच के दस्तावेज, फोटो, डीएनए सैंपल और उसके निजी सामान को सुरक्षित रखने और उन्हें दिखाने की मांग की है. परिवार ने बताया कि युवराज घर में अकेला कमाने वाला था. उसके पिता लकवाग्रस्त हैं और मां को दिल की बीमारी है.
जांच के दौरान, Police को पता चला कि युवराज की फोन पर आखिरी बातचीत उसकी पूर्व सहयोगी वत्स से हुई थी, जिससे वह गुरुग्राम में मिलने गया था. इसके बाद वत्स का फोन भी बंद मिला. जांचकर्ताओं ने cctv फुटेज, तकनीकी सबूत और दोनों के कार्यस्थलों से जुड़ी जानकारी की जांच की.
जांच में वत्स मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आई. Police ने उसका नया मोबाइल नंबर ट्रेस किया और उसे उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया. उसके पार्टनर को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है.
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने युवराज की हत्या की और शव को गुरुग्राम में अपने घर के पास नाले में फेंक दिया.
Police को शक है कि हत्या के पीछे पैसों का लेन-देन हो सकता है. हालांकि, युवराज के परिवार का कहना है कि वत्स ने हत्या की असली वजह नहीं बताई है.
दोनों आरोपियों को 5 दिन की Police हिरासत में भेज दिया गया है. Police उनसे पूछताछ कर हत्या के पीछे की वजह, घटनाओं का पूरा क्रम और हत्या के सही हालातों का पता लगा रही है.
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वीकेयू/पीएम