
लाहौर, 12 अक्टूबर . Pakistan की संघीय Government ने Sunday को खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में आपातकाल लागू कर दिया. इसके पीछे की वजह पीटीआई शासित (Pakistan-तहरीक-ए-इंसाफ) प्रांत में बढ़ती आतंकी गतिविधियां बताया गया. एक और कारण वो लॉन्ग मार्च है जो संवैधानिक मूल्यों की बहाली के नाम पर इमरान खान की पार्टी (पीटीआई) करना चाहती थी. सब कुछ इस्लामाबाद के मुताबिक हो रहा था. इस बीच Government की मंशा को झटका दिया है पंजाब Police के जवानों ने! ये लोग केपी में तैनाती नहीं चाहते.
दरअसल, पीटीआई मार्च को रोकने के लिए रावलपिंडी डिवीजन में तैनात पंजाब Police के जवानों की चिंताएं Sunday को और बढ़ गईं. उन्हें पता चला कि इमरजेंसी और गवर्नर शासन लागू होने के बाद, कुल 40,000 जवानों में से 25,000 को अटक (पंजाब) से खैबर पख्तूनख्वा भेजा जा सकता है.
प्रमुख दैनिक डॉन ने इस खबर को रिपोर्ट किया है. उनके मुताबिक थकान, नींद की कमी और रहन-सहन की खराब परिस्थितियों से परेशान पंजाब Police के एक अधिकारी ने कहा कि थके-हारे Policeकर्मी अटक से केपी भेजे जाने को एक नई चुनौती और बड़ी मुसीबत के तौर पर देख रहे हैं, खासकर तब जब उन्हें पहले से ही जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.
जवानों के लिए माहौल माकूल नहीं रहा है. स्थानीय मीडिया और Political दलों ने इसे समय-समय पर उठाया भी है. डॉन ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में, रावलपिंडी डिवीजन Police प्रशासन पर तैनात जवानों को सड़ा-गला और बासी खाना देने के कई आरोप लगे हैं. साथ ही, पीटीआई विरोध मार्च के दौरान ड्यूटी पर रहते हुए अटक और वाह कैंट में पिछले दो हफ्तों में पांच Policeकर्मियों की मौत की पुष्टि हुई है. दो की मौत हार्ट अटैक से हुई, एक नहर में डूब गया, और दो अन्य की मौत स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण हुई, जबकि एक कॉन्स्टेबल की सर्पदंश के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है.
सामने आ रही रिपोर्ट्स के अनुसार, Policeकर्मी बासी भोजन, खराब कैटरिंग, वॉशरूम की बदहाल स्थिति और रहने की बेहद खौफनाक स्थितियों की शिकायत करते रहे हैं.
Police महानिरीक्षक (आईजीपी) ने इन रिपोर्ट्स को खारिज किया है. हालांकि कुछ वरिष्ठ अधिकारी अपनी फोर्स के समर्थन में आए और कुप्रबंधन के लिए रावलपिंडी Police अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया. तो कुछ ऐसे भी हैं जो इसे साजिश करार देते हैं.
खैबर पख्तूनख्वा में तैनाती के बारे में, पंजाब के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ Police (आईजीपी) अब्दुल करीम ने साफ किया कि पंजाब से केपी में Police फोर्स को भेजने के बारे में कोई फाइनल फैसला नहीं लिया गया है और न ही कोई निर्देश जारी किया गया है.
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केआर/