पश्चिम बंगाल के सीएम ने स्वामी विवेकानंद के विजन के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया

कोलकाता, 5 सितंबर . पश्चिम बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने Saturday को कहा कि उनकी Government राज्य की शिक्षा प्रणाली को स्वामी विवेकानंद के शिक्षा के विजन के अनुरूप बदलने के लिए प्रतिबद्ध है. यह विजन केवल परीक्षा-केंद्रित पढ़ाई के बजाय चरित्र-निर्माण, मानसिक मजबूती और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित है.

राज्य के स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘विद्यासागर शिक्षा सम्मान 2026’ समारोह को संबोधित करते हुए Chief Minister ने कहा कि हाल के वर्षों में स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को धीरे-धीरे शिक्षा प्रणाली से हटा दिया गया है, जिससे इसके मूल मूल्य कमजोर हुए हैं.

अधिकारी ने कहा कि स्वामीजी ने कहा था कि सच्ची शिक्षा व्यक्ति में खुद पर विश्वास जगाती है और उसे अपने पैरों पर खड़े होने के लिए सशक्त बनाती है. स्वामीजी ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य पर भी जोर दिया था. पिछले कुछ वर्षों में, पश्चिम बंगाल में शिक्षा प्रणाली बाधित हुई क्योंकि स्वामीजी की शिक्षाओं को धीरे-धीरे शिक्षा प्रणाली से हटा दिया गया था. अब हमें आधुनिक शिक्षा प्रणाली में तकनीक को अपनाने के साथ-साथ उस भावना को भी पुनर्जीवित करना होगा.

Chief Minister ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस Government पर नेशनल कैडेट कोर को खत्म करने के लिए भी तीखा हमला किया. उनके अनुसार, एनसीसी छात्रों के बीच शारीरिक फिटनेस सुनिश्चित करने, उन्हें अनुशासित बनाने और उनमें राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना पैदा करने वाला एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संगठन है.

उन्होंने कहा कि पिछली Government ने स्कूलों और कॉलेजों में एनसीसी प्रणाली को बंद कर दिया था. इसके बजाय, पिछली राज्य Government ने ‘जय हिंद वाहिनी’ शुरू की थी. शिक्षा प्रणाली से एनसीसी को हटाना एक बड़ी गलती थी.

उन्होंने राज्य द्वारा संचालित स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को लेकर भी पिछली Government पर तीखा हमला किया.

Chief Minister अधिकारी ने कहा कि लेकिन अब हमने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से साफ-सुथरा बनाने का फैसला किया है, जहां नियुक्तियां पूरी तरह से योग्यता के आधार पर की जाएंगी.

Chief Minister अधिकारी ने छात्रों को कुछ राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा किए जा रहे ब्रेनवॉश के प्रयासों से गुमराह न होने की चेतावनी भी दी.

उन्होंने कहा कि ये राष्ट्र-विरोधी ताकतें तब चुप रहती हैं जब आतंकवादी पुलवामा में भारतीय पर्यटकों की हत्या करते हैं. लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू होने के बाद यही राष्ट्र-विरोधी समूह युद्ध-विरोधी रैलियां निकालते हैं. मैं छात्रों से अपील करता हूं कि वे इन राष्ट्र-विरोधी समूहों से सावधान रहें.

डीकेएम/डीएससी

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