पंजाब सरकार का दीपावली तोहफा, एसबीएस नगर में बनेगा अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और टीचिंग हॉस्पिटल

चंडीगढ़, 5 नवंबर . पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने Thursday को इसे ऐतिहासिक दीपावली उपहार बताते हुए घोषणा की कि आम आदमी पार्टी (आप) Government ने शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और शिक्षण अस्पताल की स्थापना के लिए आशय पत्र (एलओआई) जारी करके एक और महत्वपूर्ण वादा पूरा किया है.
बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब अवसंरचना विकास बोर्ड (पीआईडीबी) ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण – डीबीएफओटी) मॉडल के तहत इंडस सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया है.
मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि इस परियोजना में लगभग 160 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसके तहत नवांशहर स्थित मौजूदा 150 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल को उन्नत सुविधाओं से लैस, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुरूप 220 बिस्तरों वाले शिक्षण अस्पताल में परिवर्तित किया जाएगा. इसमें समर्पित शैक्षणिक और आवासीय बुनियादी ढांचा भी शामिल होगा.
इस परिसर में एक अत्याधुनिक 30 बिस्तरों वाली सुपर-स्पेशियलिटी कार्डियक केयर यूनिट भी होगी, जिसमें एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए कैथेटराइजेशन लैब सहित इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
बलबीर सिंह ने कहा, “यद्यपि औपचारिक समयसीमा तीन वर्ष तक की है, लेकिन अस्पताल भवन, डायलिसिस केंद्र और गहन चिकित्सा कक्ष ब्लॉक पहले से ही परिसर में मौजूद होने के कारण, मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण अगले महीने शुरू होगा और हमें उम्मीद है कि मेडिकल कॉलेज मात्र डेढ़ वर्ष के भीतर चालू हो जाएग.”
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एमबीबीएस की 50 वार्षिक सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें राज्य Government के कोटे के तहत आरक्षित रहेंगी, जिससे प्रतिभाशाली स्थानीय युवाओं को अपने घर के पास ही किफायती दरों पर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा.
इस क्षेत्र को होने वाले लाभों पर प्रकाश डालते हुए बलबीर सिंह ने कहा कि यह ऐतिहासिक परियोजना नवांशहर, बालाचौर, रोपड़, गढ़शंकर, बंगा, माछीवाड़ा कस्बों और आसपास के 35 से 40 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए जीवन रेखा साबित होगी.
बलबीर सिंह ने आगे कहा, “पहले, दिल का दौरा पड़ने वाले गंभीर मरीजों को चंडीगढ़ के पीजीआई या जालंधर, लुधियाना या अमृतसर के दूरदराज के रेफरल केंद्रों तक ले जाना पड़ता था, जहां अक्सर उनकी जान चली जाती थी. अब, विश्व स्तरीय आपातकालीन और हृदय संबंधी उपचार उनके घर के पास ही, महत्वपूर्ण ‘गोल्डन आवर’ के दौरान उपलब्ध होगा.”
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एएसएच/डीकेपी


