नेपाल में 21 भारतीयों को बचाया गया, सभी तमिलनाडु से: विदेश मंत्रालय

New Delhi, 27 अगस्त . नेपाल के टिमुरे से 21 भारतीय नागरिकों को रेस्क्यू किया गया है. Thursday को India के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इसकी जानकारी दी. इसके साथ ही बचाए गए लोगों के नामों की सूची जारी की गई.

एमईए ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि सभी 21 भारतीय नागरिक तमिलनाडु के रहने वाले हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे. बचाए गए लोगों के नाम- शिवरंजनी मुथुनाथन, कर्पगम राजमोहन, मारन गोविंदासामी, शांति मारन, मुथुकुमारेसन रामलिंगम, नवु कबीरदास, विजयभुवनेश्वरी विश्वनाथन, मैथिली मुथुकुमारेसन, त्यागराजन रथिनम, किरुबागरी बालासुब्रमण्यम, वल्लीनायकी शिवकुमार, साथिया जयारमन, थिरुमावलवन गोविंदरासु, कनागासाबाई नतेसापिल्लई, राधाई कनागासाबाई, रथिनाकुमार कुंचिथपथम, पुंगुझाली पोन्नम्बलम, पझानियाप्पन मैकापेरुमल, कलैमथी पझानियाप्पन, रघुनाथन मुनिराज, कनागासाबाई नतेसा पिल्लई है.

एमईए के मुताबिक बचाए गए भारतीयों की सूची 27 अगस्त 2026 को दोपहर एक बजे तक की है.

वहीं, Thursday को मीडिया ब्रीफिंग में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “नेपाल में 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है. इनमें 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करते हैं. अब तक 21 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया है. वहीं, तिब्बत में फंसे करीब 200 भारतीयों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है.”

उन्होंने ये भी बताया कि India नेपाल में फ्लैश फ्लड से पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मदद जारी रखेगा. नेपाल की मांग के आधार पर India राहत सामग्री और बेली ब्रिज भेज रहा है. विदेश मंत्रालय ने 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया है. काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में भी 24 घंटे की हेल्पलाइन शुरू की गई है.

जायसवाल ने बताया कि Prime Minister Narendra Modi ने नेपाल के Prime Minister से फोन पर बात कर संवेदना जताई और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है.

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर Wednesday सुबह आए फ्लैश फ्लड में मरने वालों का आंकड़ा 270 पहुंच गया है. नेपाल Police ने social media पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी.

केआर/

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