
श्रीनगर, 27 अगस्त . जम्मू-कश्मीर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने Thursday को निर्देश दिया कि केंद्र शासित प्रदेश के स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का जंक फूड नहीं बेचा जाना चाहिए.
अधिकारियों ने आगे बताया कि एफडीए ने विद्यालय शिक्षा विभाग को सभी Governmentी और निजी स्कूलों में खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है, जिसमें स्कूल परिसर के अंदर और स्कूल गेट के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध शामिल है.
विद्यालय शिक्षा निदेशकों को भेजे गए एक पत्र में एफडीए ने कहा कि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और पोषण से भरपूर भोजन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक (स्कूल में बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार) विनियम 2020 को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए.
इन विनियमों के तहत, स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि संतृप्त वसा, ट्रांस वसा, अतिरिक्त चीनी या सोडियम की उच्च मात्रा वाले खाद्य पदार्थों को स्कूल परिसर के अंदर बेचा या परोसा न जाए.
ये प्रतिबंध स्कूल के गेट से किसी भी दिशा में 50 मीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्र पर भी लागू होते हैं, जहां स्कूली बच्चों को ऐसे खाद्य उत्पादों की बिक्री, विपणन या विज्ञापन करना प्रतिबंधित है.
एफडीए ने यह भी निर्देश दिया है कि स्कूल परिसरों में खाद्य सेवाएं संचालित करने वाले स्कूल अधिकारियों या खाद्य व्यवसाय संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत पंजीकृत या लाइसेंस प्राप्त होना चाहिए और निर्धारित स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का अनुपालन करना चाहिए.
ऐसे खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए खाद्य सुरक्षा प्रदर्शन बोर्ड और खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक (जहां लागू हो) रखना भी अनिवार्य है.
नियमों के अनुसार, स्कूलों को बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदतों को प्रोत्साहित करने के लिए भोजन का समय निर्धारित करना होगा और सभी छात्रों को निःशुल्क सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना होगा.
प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों सहित स्कूल अधिकारियों और संस्थानों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार निकायों को खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने और छात्रों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वच्छता की निगरानी करने का दायित्व सौंपा गया है.
एफडीए ने यह भी कहा है कि स्कूल सुरक्षित, संतुलित और स्वच्छ भोजन की उपलब्धता की निगरानी के लिए एक नोडल तंत्र के रूप में कार्य करने हेतु एक स्वास्थ्य एवं कल्याण राजदूत नियुक्त कर सकते हैं या एक स्वास्थ्य एवं कल्याण टीम का गठन कर सकते हैं.
एफडीए ने तदनुसार स्कूल शिक्षा विभाग और स्कूल अधिकारियों से जम्मू और कश्मीर भर में नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया है.
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एमएस/