
New Delhi, 27 अगस्त . नेपाल में आई भारी प्राकृतिक आपदा पर भारतीय आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि इस समय नेपाल बड़ी आपदा का सामना कर रहा है. लापता यात्रियों और भारी क्षति के बीच, हमें उन परिवारों के साथ खड़ा होना है. सब मिलकर प्रार्थना करें कि उन्हें शक्ति मिले.
गुरुदेव ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया है. उन्होंने वीडियो में कहा, “प्रकृति का प्रकोप और इतनी बड़ी आपदा से इस वक्त नेपाल जूझ रहा है. इसमें कई यात्री जो मानसरोवर के लिए गए हुए थे, वे लापता हैं और बहुत सारे जान-माल का भी नुकसान हुआ है. इस कठिन परिस्थिति में हम सब वहां की जनता के साथ, नेपाल Government के साथ खड़े हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “जो प्रभावित परिवार हैं, उनको हिम्मत दें और प्रार्थना करें ताकि उनको इस कष्ट की परिस्थिति से गुजरने के लिए आत्मबल और सहन करने की क्षमता मिले. हम सब लोग उनके काम आएं और यह प्रार्थना करें कि इस क्लिष्ट परिस्थिति में इस दुख को सहने की शक्ति उनको मिले.”
बता दें कि नेपाल की भोटेकोशी नदी में Wednesday को आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक करीब 162 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 81 से अधिक लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. वहीं, सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री भी शामिल हैं.
जानकारी के अनुसार, मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय यात्री भी इस बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. अचानक जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे बसे कई गांव, होटल और सड़कें बह गईं. नेपाल प्रशासन और सेना की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन दुर्गम इलाका और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं.
नेपाल Government ने इस आपदा को राष्ट्रीय संकट बताते हुए सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है. लापता लोगों की तलाश के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद ली जा रही है. India Government भी लगातार नेपाल Government के संपर्क में है और भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.
–
पीआईएम/डीकेपी